World Samosa Day 2024: वर्ल्ड समोसा डे के अवसर पर मध्यप्रदेश के चंबल इलाके के प्रसिध्द समोसो की कहानी जानते है, जिनके आम लोग तो शौकीन है ही, लेकिन चंबल के डाकुओं को भी बहुत पसंद हैं....
World Samosa Day 2024:मध्यप्रदेश का चंबल क्षेत्र जिसका नाम सुनते ही आज भी लोगों की रूह कांप जाती है। चंबल का नाम सुनते ही लोगों को पहले डाकुओं का ख्याल आता है। प्रदेश का यह क्षेत्र डाकूओं का गढ़ माना जाता है। यहां के लोग जितने बंदूको के शौकीन है उतने ही खाने -पीने के भी है।
यहां के लोगों का पसंदीदा नाश्ता है समोसा। वर्ल्ड समोसा डे के अवसर पर आज चंबल के फेमस दुकान के समोसो की कहानी जानते है। जिसके आम लोग तो दीवाने है ही, लेकिन इस दुकान के समोसो के चंबल के डाकू भी दीवाने थे।
मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले के दबोह शहर में समोसे की एक दुकान ऐसी भी है जहां लोग समोसा खाने के लिए सुबह सूरज निकलने से सूरज ढलने तक लंबी कतारों में खड़े रहते है। इस दुकान के समोसो इतने स्वादिष्ट है कि लोग दूर -दूर से इसका स्वाद लेने आते है।
यह समोसे की दुकान रामनरायन जलपान दुकान के नाम से फेमस है। यह चंबल की सबसे प्रसिध्द समोसा दुकान मानी जाती है। वीरेश कुमार जो रामनरायन जलपान दुकान के संचालक है उनका कहना है कि यहां के समोसे पूरे चंबल में मशहूर है और पिछले 25 वर्षों से उन्होंने न जाने कितने लोगों को इस दुकान के समोसो का स्वाद चखाया है।
इस दुकान के समोसों का स्वाद इसलिए लोगों को पसंद है क्योंकि वे मसालों के जादू का उपयोग करते हैं और उनके पास अपनी खास मसाला मिश्रण विधि है। उनके समोसे में केवल घर का बना मसाला उपयोग किया जाता है। वे बाजार में मिलने वाले कच्चे मसालों को घर पर ही प्रोसेस करते हैं ताकि उन्हें बेहतर स्वाद और गुणवत्ता मिल सके।
आम समोसे शहर में छोटे-छोटे बनाये जाते हैं, लेकिन रामनरायन की दुकान पर समोसे का स्वाद काफी अलग है। संचालक के अनुसार समोसे का साइज थोड़ा बड़ा होने के कारण यहां आने वाले लोग का दो समोसे में ही पेट भर जाता है। वही रेट की बात करें तो कुछ खास बदलाव नहीं है। यहां 10 रुपये का एक समोसे दिया जाता है।