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कर्मकार कल्याण मंडल घोटाले के तीन दलाल और पकड़े

आरोपियों में 30 वर्षीय जितेंद्र वर्मा पुत्र आज्ञाराम वर्मा, निवासी गांधी नगर, 59 वर्षीय संतोष शाक्य पुत्र रामसहाय शाक्य, निवासी पार्क मोहल्ला वार्ड नंबर 10 एवं 47 वर्षीय महिला मंजू अर्गल पत्नी पुजारीलाल अर्गल, निवासी दर्पण कॉलोनी भिण्ड शामिल हैं। मुख्य आरोपी नगरपालिका में संबल व कर्मकार कल्याण मंडल शाखा के बाबू राजेंद्र चौहान को […]

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भिंड

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Ravindra Singh Kushwah

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Ravindra Singh Kushwah

Feb 07, 2026

एक महिला भी शामिल, 56 लाख रुपए परिजनों व रिश्तेदारों के खाते में लिए, 17 लाख मुख्य आरोपी को दिए

पुलिस हिरासत में आरोपी।

आरोपियों में 30 वर्षीय जितेंद्र वर्मा पुत्र आज्ञाराम वर्मा, निवासी गांधी नगर, 59 वर्षीय संतोष शाक्य पुत्र रामसहाय शाक्य, निवासी पार्क मोहल्ला वार्ड नंबर 10 एवं 47 वर्षीय महिला मंजू अर्गल पत्नी पुजारीलाल अर्गल, निवासी दर्पण कॉलोनी भिण्ड शामिल हैं। मुख्य आरोपी नगरपालिका में संबल व कर्मकार कल्याण मंडल शाखा के बाबू राजेंद्र चौहान को पुलिस ने 25 नवंबर 2025 को विदिशा में उसके गृह नगर से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने पांच दलालों के नाम बताए थे, जिन्हें पुलिस ने आरोपी बना लिया था। उसके बाद से पुलिस निरंतर गिर$फतारी के प्रयास कर रही थी। डीआईजी/पुलिस अधीक्षक डॉ. असित यादव ने इस मामले की विवेचना कर रहे सीएसपी को आरोपियों को शीघ्र गिर$फ्तार करने के निर्देश दिए थे। कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 750/2024 धारा 409, 420, 467, 468, 120 बी एवं 13 (1) (डी) भ्रष्टाचार अधिनियम 1988 (संशोधित अधि0 (2018) के पंजीबद्ध है और विवचेना में आए साक्ष्यों के आधार पर इन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

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परिजनों के बैंक खाते में लिया पैसा

पूर्व में गिरफ्तार हो चुके तीनों आरोपयों के साथ मिलकर इन आरोपियों ने अपने परिजनों के बैंक खाता नंबर हितग्राहियों के स्थान पर कूटरचना करके लगाए थे। जिससे कर्मकार योजना में पैसा हड़पा था। तीनों आरोपयों ने अपने परिजनों के खातें में 56 लाख रुपए पहुंचाए। जिनमें से 17 लाख रुपए मुख्य आरोपी राजेंद्र चौहान को देना बताया है। बाकी रुपए का आरोपियों ने स्वयं उपयोग किया है। आरोपियों ने प्लॉट की एक रजिस्ट्री भी जब्त की गई है।

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एक आरोपी की ऑनलाइन कियोस्क
पकड़े गए तीनों आरोपियों में से एक जितेंद्र वर्मा कियोस्क सेंटर का संचालन करता है। उसने कई लोगों के फर्जी मृत्युप्रमाण पत्र बनाकर इस घोटाले में हाथ बंटाया है। सीएसपी निरंजन सिंह राजपूत, प्रधान आरक्षक मनीष सिंह, मनीष सिंह भदौरिया, रामकुमार शर्मा, राकेश तोमर की टीम ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

कथन-

नगरपालिका के घोटाले में वांछित तीन आरोपियों गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पूछताछ में अपने परिजनों के खाते में 56 लाख रुपए ट्रंासफर कराना प्रारंभिक तौर पर स्वीकार किया है।
निरंजन सिंह राजपूत, सीएसपी व जांच अधिकारी।