
भोपाल। ऐ अल्लाह, हम गुनाहगार हैं, कुसूरवार हैं, हमारे आमाल ऐसे नहीं, जो तुझसे माफी भी तलब कर सकें... लेकिन ऐ अल्लाह आप तो सबकी सुनने वाले हैं, अपने फजल-ओ करम से हमारे गुनाहों को माफ कर दे.... ऐ अल्लाह दुनिया बनाने में हमने आखिरत को भुला दिया है, तू हमें नेक रास्ते पर ले...ऐ अल्लाह दुनियाभर में लोग परेशान हैं, तू अपने फजलो करम से दुनिया में सुकून, अमन, भाईचारे और अपनेपन के हालात बना दे, सारे आलम में मुहब्बतों की बारिशे बरसा दे.... आमीन!
इन दुआओं के साथ ईटखेड़ी में सोमवार को 72वें आलमी तब्लीगी इज्तिमा का समापन हुआ। चार दिन के इस समागम का 22 नवम्बर को शुभारंभ हुआ था। दिल्ली मरकज के हजरत मौलाना साअद साहब कांधालवी ने दुआ की शुरूआत की तो लाखों हाथ दुआ के उठ गए। दोपहर 12 बजकर 4 मिनट पर शुरू हुई दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक चली। इसके बाद लोगों इज्तिमा स्थल से लोगों की रवानगी का सिलसिला शुरू हो गया। सिलसिले पार्किंग से निकलने की हिदायत दी गईं। यहां से कुछ लोग अपने घरों को लौटे तो कुछ दीन सीखने और सिखने के मकसद से चार माह और चालीस दिन की जमातों में निकले।
शनिवार रात से तेज गया आने वालों का सिलसिला
दुआ में शामिल होने रविवार रात से लोगों के आने का सिलसिला तेज हो गया। सुबह तक इज्तिमास्थल पर जगह नहीं थी। दुआ के वक्त तक लोगों की संख्या इतनी हो गई कि यहां आसपास सड़कों पर भी जगह नहीं थी। इसमें शिरकत करने वालों की संख्या दस लाख से ज्यादा है।
चार दिन के आयोजन में एक ही संदेश, नेक रास्ते पर चलोचार दिन के इस आयोजन में देशभर से
उलेमाओं की तकरीर हुई। सोमवार सुबह फजिर की नमाज के बाद की तकरीर में फिर से उन बातों को दोहराया गया। उलेमा बोले अल्लाह की मर्जी के बिना कोई काम नहीं होता। ये अकीदा तोडऩे से खराब हालात होंगे। नेक राह जो बताई गई है उस पर चलने वाले बनो तो तुम्हारी हर परेशानी खत्म हो जाएगी। आपसी रिश्ते बेहतर रखने और सबके काम आने की हिदायत भी मजमे को दी गई।