मुख्यमंत्री का ऐलान
भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कहा कि १२वीं की परीक्षा में ७५ फीसदी तक अंक लाने वाले सभी विद्यार्थियों को भी लैपटॉप दिए दिए जाएंगे। पहले सामान्य वर्ग के लिए इस योजना में ८५ प्रतिशत अंक लाना आवश्यक था। मुख्यमंत्री ने 'मुख्यमंत्री करियर काउंसलिंग पहल-हम छू लेंगे आसमांÓ के दूसरे चरण के काउंसलिंग में सायना अहमद की सवाल पर यह ऐलान किया।
सायना ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि उसके १२वीं कक्षा में ८४.६ अंक थे तो क्या लैपटॉप मिलेगा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, चिंता करने की जरूरत नहीं है। अब ७५ फीसदी से अधिक अंक वाले सभी विद्यार्थियों को लैपटॉप मिलेगा। मुख्यमंत्री ने सभागार में बैठे विद्यार्थियों के साथ ही रेडियो के माध्यम से सीधे संवाद किया।
स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास विभागों के संयुक्त तत्वावधान में 70 प्रतिशत से कम नंबर लाने वाले विद्यार्थियों को कॅरियर मार्गदर्शन देने के लिए यह विशेष आयोजन किया गया था। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की हौसल अफजाई करते हुए कहा कि कम अंक के बाद भी घबराने की जरूरत नहीं है, जिस विषय में मन लगे, आनंद मिले उसमें आगे बढ़ो।
- इस बार भी आरक्षण पर सवाल
कॅरियर काउंसलिंग के दूसरे चरण में भी मुख्यमंत्री से आरक्षण से जुड़ा सवाल किया गया। हालांकि, उन्होंने यह कहकर बात आगे बढ़ा दी कि चिंता करने की जरूरत नहीं है, तुम लोग खूब मन लगाकर पढ़ो। बाकी तुम्हारा मामा शिवराज देख लेगा। छात्रा महक खत्री ने सवाल किया था कि १२वीं में ६७ प्रतिशत अंक आए हैं, वह सामान्य श्रेणी की है तो क्या उसकी फीस सरकार भरेगी। उसने वैज्ञानिक बनने की इच्छा भी जताई।
- अगला असफल विद्यार्थियों के लिए
कार्यक्रम के बाद मीडिया से अनौपचारिक चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कॅरियर काउंसलिंग का तीसरा चरण भी शुरू होगा। यह कार्यक्रम परीक्षा में होने हुए विद्यार्थियों के लिए होगा। किसी भी विद्यार्थी को निराश होने की जरूरत नहीं है।
सीएम ने दिए बच्चों के सवालों के जवाब
रितिका- मामाजी, मैं आपकी तरह मुख्यमंत्री बनना चाहती हूं, कुछ गुर सिखाइए।
जवाब - इसके लिए कठिन परिश्रम करने के साथ ही दूसरों की पीड़ा को अपना समझना होता है। मन में लोगों के प्रति सेवा भावना हो तो मुख्यमंत्री क्या प्रधानमंत्री भी बना जा सकता है।
रोशनी सक्सेना- मिलिट्री में जाने के लिए क्या करना होगा पता नहीं?
जवाब—सागर और भिंड में सेना स्कूल खोले जाएंगे। प्रदेश में एक एेसी संस्था शुरू करने पर विचार किया जा रहा है, जो सेना में जाने की इच्छा रखने वाले युवाओं का सही मार्गदर्शन दे सके।
भूमिका - बीएससीबीएड जैसे इंटीग्रेटेड कोर्स शासकीय स्कूलों में क्यों नहीं चलाए जाते?
जवाब - सरकार इस तरह के इंटीग्रेटेड कोर्स स्वशासी महाविद्यालयों में शुरू करेगी। इसके लिए जल्द ही अधिकारियों से चर्चा की जाएगी।
निहाल- कॅरियर काउंसलिंग केंद्रों की स्थापना जिलास्तर पर क्यों नहीं की जाती?
जवाब- जिलास्तर पर स्थापित उत्कृष्ट विद्यालयों में कॅरियर काउंसलिंग केंद्र स्थापित किए जाएंगे।