
भोपाल। मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को एक बार फिर बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने 31 फीसदी से बढ़ाकर 34 फीसदी महंगाई भत्ता कर दिया है। इस बढ़ोत्तरी के बाद सरकार पर 625 करोड़ का भार आएगा। यह बढ़ोत्तरी अब केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर कर दी गई है।
मध्यप्रदेश के साढ़े चार लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों और करीब साढ़े तीन लाख से अधिक पेंशनर्स को सोमवार को शिवराज सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 31 फीसदी से बढ़ाकर 34 फीसदी कर दिया है। यह एक अगस्त से लागू भी हो गया है, जिसका भुगतान सितंबर माह के वेतन में जुड़कर मिलेगा।
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प्रदेश में वर्तमान में प्रदेश के कर्मचारियों को 31 फीसदी महंगाई भत्ता मिल रहा है। सावन सोमवार और रक्षाबंधन से पहले प्रदेश के साढ़े चार लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को यह तोहफा मिला है। शिवराज सरकार ने 1 अगस्त को श्रावण सोमवार को इसकी बधाई दी है।
खास बात यह है कि यह महंगाई भत्ता केंद्र सरकार के सेवकों के बराबर हो जाएगा। इसका लाभ प्रदेश के करीब साढ़े सात लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा।
पेंशनर्स रहेंगे पीछे
इससे पहले शिवराज सरकार ने अक्टूबर 2021 में कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 12 से 8 फीसदी बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया था। तब राज्य ने छत्तीसगढ़ सरकार को पेंशनर की महंगाई राहत में आठ प्रतिशत की वृद्धि करने का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन 5 फीसदी की ही सहमति मिली थी। पेंशनर्स का महंगाई भत्ता फिलहाल काफी पीछे है।
केंद्रीय तिथि से भी लागू करना चाहिए
मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव उमाशंकर तिवारी का कहना है कि केंद्र के समान देने की कोशिश अच्छी है, लेकिन इसे केंद्र की तिथि के समान भी देना चाहिए। यानी केंद्र ने एक जनवरी से लागू किया है तो मध्यप्रदेश सरकार को भी उसी तिथि और तारीख से लागू करना चाहिए। कई माह बाद इसे लागू करने करने पर कई माह का पैसा कर्मचारियों को नहीं मिल पाता है। इसके साथ ही केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता दो-चार दिनों में फिर बढ़ाने वाली है। इसके बाद मध्यप्रदेश के कर्मचारी एक बार फिर केंद्र से पीछे रह जाएंगे।