8 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एमपी पुलिस ट्रेनिंग में अब ‘दक्षिणामूर्ति स्तोत्र’ से होगी दिन की शुरुआत, नए आदेश से मचा सियासी बवाल

MP Police Training : पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों में अब से दिन की शुरुआत 'श्री दक्षिणामूर्ति स्तोत्र' के पाठ से की जाएगी। पुलिस प्रशिक्षण विंग के इस नए आदेश के बाद प्रदेशभर में एक नय सियासी बवाल खड़ा हो गया है।

2 min read
Google source verification
MP Police Training

पुलिस ट्रेनिंग में अब 'दक्षिणामूर्ति स्तोत्र' पर सियासी बवाल (Photo Source- Patrika)

MP Police Training :मध्य प्रदेश के पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों में अब दिन की शुरुआत 'श्री दक्षिणामूर्ति स्तोत्र' के पाठ से की जाएगी। पुलिस प्रशिक्षण विंग के इस नए आदेश के बाद प्रदेशभर में एक नय सियासी बवाल खड़ा हो गया है। विपक्ष ने इसे सरकारी संस्थानों की निष्पक्षता से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं, जबकि सत्तारूढ़ भाजपा इसे भारतीय सांस्कृतिक और परंपरा का हिस्सा बताकर आदेश का बचाव कर रही है।

आपको बता दें कि, पुलिस प्रशिक्षण विंग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राजा बाबू सिंह ने प्रदेश के सभी पुलिस प्रशिक्षण स्कूलों (PTS) को निर्देश जारी किया है, जिसमें हर रोज के प्रशिक्षण की शुरुआत से पहले परिसर में लगे लाउडस्पीकर पर 'श्री दक्षिणामूर्ति स्तोत्र' बजाने साथ ही, उसका पाठ करने के आदेश दिए हैं। ताकि प्रशिक्षक और भर्ती दोनों इसे सुन सकें।

एडीजी ने बताया आदेश का कारण

एडीजी ने कहा कि दक्षिणामूर्ति को ज्ञान और विवेक का प्रतीक माना जाता है। उनके मुताबिक, एक पुलिस अधिकारी के लिए सिर्फ जानकारी होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे विवेक, संवेदनशीलता और सहानुभूति भी होनी चाहिए। उनका मानना है कि, स्तोत्र के जरिए प्रशिक्षुओं में नैतिक स्पष्टता और जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी।

पहले भी दिया जा चुका ऐसा ही निर्देश

ये पहली बार नहीं, जब पुलिस प्रशिक्षण में धार्मिक या दार्शनिक ग्रंथों को शामिल किया गया है। पिछले साल भी विभाग ने 8 पुलिस प्रशिक्षण स्कूलों में रात के ध्यान सत्र से पहले भागवद गीता का एक अध्याय पढ़ने का सुझाव दिया था। इससे पहले प्रशिक्षुओं को राम चरितमानस के दोहे पढ़ने के लिए भी कहा गया था। अधिकारियों का कहना था कि इससे करीब 4 हजार प्रशिक्षुओं में अनुशासन और नैतिक सोच को बढ़ावा मिलेगा।

कांग्रेस ने उठाए सवाल

नए आदेश के बाद कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। पार्टी के प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि कानून व्यवस्था संभालने वाली संस्थाओं को पूरी तरह तटस्थ होना चाहिए और किसी एक आस्था से जुड़ी परंपरा को बढ़ावा देना ठीक नहीं है।

भाजपा ने किया पलटवार

वहीं, दूसरी तरफ भाजपा एडीजी की इस पहल के बचाव में नजर आई। पार्टी के प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि गीता या दक्षिणामूर्ति स्तोत्र जैसे ग्रंथ सांप्रदायिक नहीं बल्कि ज्ञान, अनुशासन और कर्तव्य की शिक्षाएं देते हैं। उनके मुताबिक, इन्हें सांप्रदायिक बताना भारत की सभ्यतागत परंपरा को न समझने जैसा है।

अधिकारियों का तर्क

पुलिस विभाग के कुछ अधिकारियों का कहना है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहले से ही योग, ध्यान और मानसिक अनुशासन शामिल हैं और यह पहल उसी का हिस्सा है। उनका दावा है कि, इसका उद्देश्य धार्मिक अभ्यास लागू करना नहीं, बल्कि नैतिक सोच और संवेदनशीलता को मजबूत करना है। हालांकि, इस निर्देश के बाद एक बार फिर मध्य प्रदेश की पुलिस ट्रेनिंग व्यवस्था सियासी बहस के केंद्र में आ गई है, जहां सांस्कृतिक परंपरा और संस्थागत तटस्थता को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है।