
ट्विशा की मौत का सीन रिक्रिएट करेगी CBI (फोटो- Vani Mehrotra एक्स पोस्ट)
Twisha Sharma case: भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच में ने एक नया मोड़ ले लिया है। मामले को लेकर पहले से कई सवाल उठ रहे हैं और मृतका के परिवार ने दहेज प्रताड़ना सहित गंभीर आरोप लगाए हैं। अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच के तहत एक महत्वपूर्ण रीक्रिएशन टेस्ट करने जा रही है, जिसमें यह परखा जाएगा कि ट्विशा शर्मा को फांसी के फंदे से नीचे उतारने की घटना वास्तव में कैसे हुई थी। जांच एजेंसी समार्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह को घटनास्थल पर ले जाकर पूरे घटनाक्रम को दोबारा प्रदर्शित करवाएगी, ताकि उनके बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान किया जा सके।
सीबीआई के अनुसार, समार्थ सिंह ने पूछताछ में दावा किया है कि उन्होंने ट्विशा को फंदे से नीचे उतारा था, जबकि उनकी मां गिरिबाला सिंह ने गले में बंधी गांठ खोली थी। इसी दावे की सत्यता जांचने के लिए दोनों को उस घर में ले जाया जाएगा जहां 12 मई की रात ट्विशा शर्मा मृत अवस्था में मिली थीं। जांच दल पूरे घटनाक्रम को चरणबद्ध तरीके से दोहराएगा और यह समझने की कोशिश करेगा कि उस समय वास्तव में क्या हुआ था। अधिकारियों का मानना है कि रीक्रिएशन से कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मिल सकते हैं।
जांच के दौरान लगभग 80 किलो वजन वाली एक डमी का उपयोग किया जाएगा। समार्थ सिंह से कहा जाएगा कि वे दिखाएं कि उन्होंने फंदे से लटकी हुई ट्विशा को किस प्रकार नीचे उतारा। वहीं गिरिबाला सिंह से यह प्रदर्शित करने को कहा जाएगा कि उन्होंने गांठ कैसे खोली थी। इसके साथ ही उस बेल्ट की मजबूती की भी जांच होगी, जिसके बारे में कहा गया है कि उसका उपयोग फांसी लगाने में किया गया था। फोरेंसिक विशेषज्ञ यह परखेंगे कि बेल्ट कितना वजन सहन कर सकती है और क्या घटनास्थल की परिस्थितियां आरोपियों के दावों से मेल खाती हैं। यह परीक्षण जांच की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
बता दें कि, गिरिबाला सिंह को हाल ही में गिरफ्तार किया गया था, जब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत रद्द कर दी। अदालत ने उन्हें और समार्थ सिंह को 2 जून तक सीबीआई हिरासत में भेजा है। जांच एजेंसी दोनों से अलग-अलग पूछताछ करने के साथ आमने-सामने बैठाकर भी बयान मिलान करेगी। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान ट्विशा शर्मा की कथित गर्भावस्था, शरीर पर मिले संभावित चोटों के निशान और 12 मई की रात की परिस्थितियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे पहले भी सीबीआई ने दिल्ली से आए विशेषज्ञ दल के साथ घटनास्थल का विस्तृत फोरेंसिक निरीक्षण किया था।
Updated on:
30 May 2026 11:44 am
Published on:
30 May 2026 10:58 am
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