
भोपाल। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने विधायकों के लिए प्रस्तावित नए विधायक विश्राम गृह को लेकर विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति को चिट्ठी लिखी है। भार्गव ने मांग की है कि इस मामले में मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष की मौजूदगी में एक सर्वदलीय बैठक बुलाकर निर्णय लिया जाए।
भार्गव ने कहा है कि विधानसभा से लगी जमीन पर 102 बहुमंजिला आवास बनाने की प्रक्रिया तेरहवीं विधानसभा के दौरान हुई थी। लेकिन चौदहवीं विधानसभा में तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा और तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे रुकवा दिया था।
इसे रोकने के पीछे कारण यह था कि निर्माण के लिए सैंकड़ों पेड़ काटे जा रहे थे। अब फिर से इसके निर्माण का निर्णय लिया गया है। भार्गव ने कहा कि 1956 में बने विधायक विश्राम गृह के खण्ड क्रमांक 1, 2 व 3 बहुत पुराने हैं उनके स्थान पर नए भवन बनना चाहिए, लेकिन एक-एक पेड़ को बचाना भी जरूरी है। इससे समझौता नहीं किया जा सकता है।
अध्यक्ष शिवराज को दे चुके हैं जवाब-
इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी सवाल उठाया था। तब विधानसभा अध्यक्ष ने कहा था कि शिवराज विधायक विरोधी हैं। इसीलिए उनके नए आवास का विरोध कर रहे हैं। प्रजापति ने कहा था कि विधायक विश्राम गृह बनाने का प्रस्ताव भाजपा सरकार के समय का था। उसी समय सारी अनुमतियां सरकार ने जारी की थी। अब सरकार नहीं है तो उसी का विरोध कर रहे हैं।