रैंकिंग में पुलिस कमिश्नरी लागू होने के बाद महिला अपराध कम होने का दावा किया जा रहा है।
भोपाल. मध्य प्रदेश में महिला अपराधों को कम करने के प्रयासों में राजधानी भोपाल अव्वल रहा है। इसके बाद खरगोन को दूसरा और खंडवा को तीसरा स्थान मिला है। जबकि, इंदौर चौथे स्थान पर रहा। जबलपुर को पांचवां स्थान मिला है। सबसे खराब हालत रतलाम की रही। खराब प्रदर्शन में रतलाम पहले, छतरपुर दूसरे, दमोह तीसरे, उज्जैन चौथे और हरदा पांचवें स्थान पर रहा। राज्य सरकार द्वारा जारी रेंकिंग में भोपाल को 92.1 फीसद तो इंदौर को 75.7 फीसद अंक मिले हैं।
छेड़छाड़, बलात्कार, अपहरण प्रमुख महिला अपराध माने जाते हैं। 2021 के शुरुआती तीन माह की तुलना 2022 के शुरुआती तीन माह से की गई है। बलात्कार के केस में 16.13 फीसदी अपहरण में 13,61 फीसदी और छेड़छाड़ के केसों में 41.21 फीसदी की कमी आई है।
ऐसे हुई रैंकिंग
पुलिस, प्रशासन, महिला बाल विकास और निगम के संयुक्त प्रयासों को शामिल किया गया। रैंकिंग में पुलिस कमिश्नरी लागू होने के बाद महिला अपराध कम होने का दावा किया जा रहा है।
इन बिंदुओं पर रैंकिंग
-आपराध होने पर त्वरित कार्रवाई
क्या कहते हैं जिम्मेदार?
इस संबंध में एडिशनल पुलिस कमिश्नर राजेश हिंगणकर का कहना है कि, पुलिस कमिश्नरी लागू होने के बाद महिला अपराधों में कमी आ रही है। ये अच्छे संकेत हैं।
1 मिनट में जीप के कर दिए टुकड़े-टुकड़े, अगले ही मिनट में जोड़ दिए सभी पार्ट्स, हैरान कर देगा वीडियो