मध्यप्रदेश देश में नंबर-1, इंदौर, भोपाल और उज्जैन सबसे स्वच्छ
भोपाल। स्वच्छता सर्वेक्षण-2019 के परिणाम बुधवार को घोषित हुए, जिसमें देश में सबसे स्वच्छ शहरों में इंदौर ने एक बार फिर बाजी मारी। इंदौर को नंबर-1 का ताज मिला। साथ ही भोपाल को सबसे स्वच्छ राजधानी का पुरस्कार मिला। वहीं उज्जैन को भी पांच लाख की आबादी वाले शहरों में सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार मिला।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश की तीनों शहरों को यह पुरस्कार दिए। इंदौर की महापौर मालिनी गौड़, निगम आयुक्त आशीष सिंह, नेता प्रतिपक्ष फौजिया शेख अलीम, कंसल्टेंट असद वारसी ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। वहीं भोपाल से महापौर आलोक शर्मा यह पुरस्कार लेने पहुंचे थे।
आलोक शर्मा ने ग्रहण किया पुरस्कार
देश की सभी राजधानियों में भोपाल नंबर वन आने पर यह पुरस्कार मिला है। महापौर आलोक शर्मा ने राष्ट्रपति से यह पुरस्कार ग्रहण किया। इसी के साथ उज्जैन महापौर मीना जोनवाल ने भी पुरस्कार ग्रहण किया। उज्जैन को पांच लाख तक की आबादी वाले स्वच्छ शहर के लिए चुना गया।
इसलिए बने हम नंबर-1
-इंदौर देश का पहला ऐसा शहर जिसने ट्रेंचिंग ग्राउंड को पूरी तरह से खत्म कर वहां नए प्रयोग शुरू किए।
-100 फीसदी कचरे की प्रोसेसिंग और बिल्डिंग मटेरियल और व्यर्थ निर्माण सामग्री का कलेक्शन-निपटान किया गया।
-कचरा उठाने वाले वाहनों की मॉनिटरिंग के लिए gps, कंट्रोल रूम और 19 जोन की अलग-अलग 19 स्क्रीन।
देश के 4237 शहरों की सर्वे रिपोर्ट
शहरी विकास मंत्रालय ने सर्वे रिपोर्ट जारी की, जिसमें बताया गया है कि देश के 4237 शहरों में सर्वे अभियान चलाया गया था। इतने शहरों में टॉप-10 शहर का चयन मंत्रालय के लिए भी बड़ी चुनौती थी। सर्वे 5000 अंकों का था।