
Bhopal Master Plan 2047: नगर तथा ग्राम निवेश (टीएंडसीपी) संचालनालय ने प्रदेशभर के मास्टर प्लान पर काम तेज कर दिया है। मास्टर प्लान पर हुई समीक्षा (T&CP Master Plan Review) में 15 शहरों के प्लान की स्थितियों पर चर्चा हुई, लेकिन भोपाल के मास्टर प्लान (bhopal master plan 2047) पर चुप्पी ही रही। संयुक्त संचालक अमित गजभिए ने समीक्षा करते हुए सीहोर मास्टर प्लान ड्राफ्ट को 15 अगस्त और रतलाम-विदिशा का ड्राफ्ट 30 अगस्त तक बनाकर भेजने के निर्देश दिए। रीवा के प्लानिंग एरिया को बढ़ाने के लिए भी प्रस्ताव बनाने को कहा गया।
भोपाल में 2005 में ही खत्म हो चुके मास्टर प्लान के बाद मास्टर प्लान ड्राफ्ट 2031 पूरी प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद लागू होने को तैयार था। लेकिन फरवरी 2024 में शासन ने ड्राफ्ट रद्द कर 2047 के हिसाब से नए सिरे से प्लान बनाने के निर्देश दिए। ड्राफ्ट 2031 को बनाने वाले संजय मिश्रा रिटायर हो गए। अब संयुक्त संचालक सुनीता सिंह 2047 के ड्राफ्ट पर काम कर रही हैं। शासन स्तर पर प्रजेंटेशन हो चुका है, लेकिन इस पर कोई आदेश-निर्देश नहीं हुए।
समीक्षा में नरसिंहगढ़ प्लानिंग एरिया पर भी बात हुई। कहा गया-वन्यजीव अभयारण्य के संवेदनशील जोन में गांव शामिल हैं। उसका परीक्षण करें। साथ ही झाबुआ विकास 2041 का ड्राफ्ट एक माह और नरसिंहपुर ड्राफ्ट 2045 दो माह में तलब की है। राघोगढ़-विजयपुर योजना 2041 ड्राफ्ट एक माह में बनाने के साथ डिंडोरी प्लान 2041, खुरई प्लान 2041 को 7 दिन में भेजें।
मास्टर प्लान की समीक्षा की गई है। शासन के निर्देश पर ये कवायद की जा रही है। भोपाल को लेकर भी दिशा-निर्देश ले रहे हैं।
- अमित गजभिए, संयुक्त संचालक, टीएंडसीपी