इंदौर के बाद अब भोपाल को मिली रफ्तार, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन को भी मिलेगी मेट्रो की सौगात
इंदौर मेट्रो के ट्रायल रन के बाद अब भोपाल मेट्रो के ट्रायल रन शुरू हुआ।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (cm shivraj singh chauhan) ने मेट्रो के सुभाष नगर रेलवे स्टेशन पर पूजा की। सीएम ने कहा है कि इंदौर और भोपाल के बाद मेट्रो रेल ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में भी दौड़ेगी।
भोपाल मेट्रो का ट्रायल रन मंगलवार को हो रहा है। शिवराज सरकार ने 2023 में मेट्रो चलाने की घोषणा की थी। भोपाल मेट्रो का सेफ्टी ट्रायल रन हो चुका है। इसमें यह ट्रेन सुभाष नगर डिपो से पहली बार बाहर निकली थी और रानी कमलापति रेलवे स्टेशन तक दौड़ी थी। मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मेट्रो के ट्रायल रन में शामिल हुए।
Live
12.33 pm
चौहान ने कहा कि इसमें कार वाला भी आएगा छोटा आदमी भी आएगा। यह सभी को एक जैसा बना देगी। समान बना देगी। मेट्रो यहां रुकेगी नहीं। भोपाल से मंडीदीप, भोपाल से सीहोर ले जाएंगे। जरूरत पड़ेगी तो विदिशा तक मेट्रो दौड़ा देंगे। हमें तेज गति से दौड़ना है। भोपाल वासियों को बधाई।
12.30 pm
रिकार्ड समय में हुआ मेट्रो का काम
चौहान ने कहा कि लोग कहते थे कि मेट्रो कोई भोपाल में चलेगी। यह संभव नहीं। लेकिन हमने कहा और कर दिखाया। पहले गड्ढों वाला मध्यप्रदेश था, अब मेट्रो वाला मध्यप्रदेश हो गया है। चौहान ने मेट्रो के नीरज औ मनीष को बधाई दी। मेट्रो का मतलब सुरक्षित यात्रा। आटोमेटिक परिचालन, बुजुर्गों के लिए भी सुरक्षित। यह सुगम है, कम समय में आप अपने गंतव्य तक पहुंच जाएंगे। ऑनलाइन टिकटिंग होगी, लाइन में भी नहीं लगना पड़ेगी। सस्ती सुविधा है। फोरव्हील से भी सस्ती है। मेट्रो सिटी कहते ही शहर की प्रतिष्ठा में चार चांद लग जाते हैं। यह प्रदूषण रहित भी होगी। हमारा टास्क है उसे भी हम पूरा करेंगे। अभी 5 किमी लंबे सफर को रिकार्ड समय में पूरा किया। एक साल8 माह में इस काम को युद्ध स्तर पर पूरा किया गया। 9 किमी का काम पूरा किया। डिजाइन निर्धारण के बाद 5 माह में कोच बना दिए गए। लिफ्ट और एस्केलेटर बना दिए गए।
12.29 pm
चौहान ने कहा कि मैं गांव से भोपाल पढ़ने आया था तब यहां चलते थे तांगा। तांगे वाला भैया चाबुक उठाकर घोड़े को मारता था। छोटा सा भोपाल था। तांगे से बस स्टैंड जाना, सुल्तानिया या हमीदिया अस्पताल जाना रहता था। उस समय बर्रूकाट भोपाली हुआ करते थे। इसके बाद भट ***** होते थे। उसकी सवारी की, फिर आटो आए, टैक्सियां भी चलीं फिर बसें चलीं। मिनी बसें फिर सिटी बसें चलीं। वो भी मुझे याद है। स्मार्ट बसें चलीं। फिर हम अब सफर शुरू कर रहे हैं तांगे से लेकर मेट्रो सफर का सफर।
12.26 pm
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का संबोधन शुरू।
तीन कोच की मेट्रो आई
प्रथम चरण में भोपाल में 7 किलोमीटर का प्रायोरिटी कॉरिडोर तैयार किया गया है। इसमें सुभाष नगर और रानी कमलापति के मध्य चार किलोमीटर ट्रैक पर ट्रायल किया जाएगा। भोपाल के लिए लगभग 25 मेट्रो ट्रेन सेट आएंगे। भोपाल और इंदौर दोनों ही शहरों में शुरुआत में तीन-तीन डिब्बों की मेट्रो दौड़ाई जाएगी।
भोपाल में 8 रेलवे स्टेशन
भोपाल में सुभाष नगर से एम्स तक 8 रेलवे स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इसमें सुभाष नगर, केंद्रीय विद्यालय, बोर्ड आफिस चौक, एमपी नगर जोन 2, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, डीआरएम कार्यालय, अलकापुरी और एम्स शामिल हैं। सुभाष नगर और कमलापति स्टेशन का काम 80 फीसदी तक पूरा हो गया है।
एक नजर मेट्रो प्रोजेक्ट पर
6940 करोड़ की लागत से 30.95 किमी क्षेत्र में दौड़ेगी ट्रेन
ओरेंज और ब्लू लाइनों से मिलेगी भोपाल को तेज रफ्तार
हर दिन 7 लाख यात्री कर सकेंगे सफर
हर मेट्रो में तीन कोच होंगे
27 ट्रेनों होंगी संचालित
90 की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन
50 लोगों के लिए कोच में बैठने की व्यवस्था
300 यात्री खड़े होकर भी कर सकेंगे यात्रा
30 स्टेशन बनाए जा रहे हैं