भोपाल

MP News: मेट्रो के लिए चाहिए ’80 एकड़’ जमीन, भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई तेज

Bhopal Metro Rail: भोपाल मेट्रो परियोजना के अंतर्गत ऑरेंज लाइन (प्रायोरिटी कॉरिडोर) सुभाष नगर से केन्द्रीय विद्यालय बोर्ड ऑफिस चौराहा होते हुए एम्स तक विकसित की जा रही है।

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Apr 22, 2026
Controversy over Bhopal Metro passing through the Royal Cemetery
Controversy over Bhopal Metro passing through the Royal Cemetery (Photo Source - Patrika)

Bhopal Metro Rail: भोपाल मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए 80 एकड़ जमीन तुरंत चाहिए। इसके लिए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा तत्काल आदेश जारी करते हुए एक्सचेंज स्टेशन के लिए आरा मशीरों को शिफ्ट करने को कहा है। साथ ही भूमि अधिग्रहण से जुड़े प्रकरणों को तेजी से निराकृत करने के भी निर्देश दिए। धारा 19 के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने एमआइडीसी, वन एवं राजस्व विभाग केअधिकारियों को भी निर्देशित किया कि मेट्रो निर्माण से प्रभावित आरा मशीनो के स्थानांतरण की कार्रवाई जल्द पूरी करें।

सभी एसडीएम को मिशन मोड में काम करने का कहा गया। उन्होंने चिन्हित भूमि का सीमांकन कर कंपनी को सौंपने के भी निर्देश दिए। जहां कहीं मेट्रो में भूमि संबंधी विवाद उत्पन्न हो, वहां प्रकरण को कलेक्टर के संज्ञान में लाकर उसका त्वरित समाधान कराने का कहा है। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर भूमि संबंधी कोई विवाद नहीं है, वहां मेट्रो कंपनी काम शुरू करे।

ऑरेंज लाइन का चल रहा काम

गौरतलब है कि भोपाल मेट्रो परियोजना के अंतर्गत ऑरेंज लाइन (प्रायोरिटी कॉरिडोर) सुभाष नगर से केन्द्रीय विद्यालय बोर्ड ऑफिस चौराहा होते हुए एम्स तक विकसित की जा रही है। इसके अतिरिक्त ब्लू लाइन रूट भदभदा डिपो चौराहा, जवाहर चौक, रोशनपुरा, कुशाभाऊ ठाकरे हॉल, लाल परेड मैदान, पुल बोगदा, प्रभात चौराहा, गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया, जेके रोड, इंद्रपुरी, पिपलानी और रत्नागिरी तिराहा तक प्रस्तावित है। बैठक में अपर कलेक्टर सुमित पांडे, मेट्रो मंडल प्रबंधक, नगर निगम के अपर आयुक्त सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं एसडीएम उपस्थित थे।

3.36 किमी की अंडरग्राउंड लाइन

वहीं दूसरी ओर मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत 3.36 किमी लंबाई की अंडरग्राउंड लाइन बनाना तय है। ऐशबाग से डीआइजी बंगला, सिंधी कॉलोनी तक भोपाल स्टेशन व नादरा बस स्टैंड होते हुए काम होगा। इसे पूरा करने शुरुआत में तीन से चार माह का लक्ष्य तय किया था। इसके लिए तीन मशीनों से काम शुरू करना था, लेकिन अभी एक मशीन ही उतारी गई।

दो अन्य उतारनी बाकी है। इस कॉरिडोर में दो अंडरग्राउंड स्टेशन बनाए जा रहे हैं। जिनकी लंबाई करीब 180-180 मीटर होगी। टीबीएम से बनी सुरंग 3.39 किमी तक जाएगी। इसके बाद बड़ा बाग के पास नादरा स्टेशन के आगे 143 मीटर स्लोप के जरिए मेट्रो फिर जमीन के ऊपर आ जाएगी।

तेज होगा काम

प्रोजेक्ट से जुड़े इंजीनियर्स के अनुसार, जून से मानसूनी हलचल शुरू होने के बाद गहराई में काम करना कठिन होगा। इस दौरान अन्य काम पूरे किए जाएंगे। टनल का काम फिर अक्टूबर से ही शुरू होगा। यानी तीन माह में पूरा होने वाला काम 8 से 9 माह में पूरा होगा।

Published on:
22 Apr 2026 10:50 am