
Bhopal News : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में त्योहार के दिनों में बीते तीन दिन से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल देर रात खत्म हो गई है। साथ ही, शनिवार की सुबह से शहर की साफ-सफाई का काम एक बार फिर शुरु हो गया है। बीते तीन दिनों में कचरा साफ न होने से अधिकतर सड़कें कचरे के ढेर में तब्दील हो गई थीं, जिसने त्योहार के बीच शहरवासियों की मुसीबत बढ़ा दी थी। लेकिन, इसी बीच शुक्रवार रात को मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात के बाद सफाई कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान कर दिया और अब शनिवार सुबह से शहर से कचरा सफाई का कार्य एक बार फिर शुरु हो गया है।
बताया जा रहा है कि, सफाई कर्मचारी संगठनों और मुख्यमंत्री मोहन यादव के बीच 10 मांगों पर चर्चा की गई, जिसमें से 8 पर तो सहमति बन गई है। नियमितीकरण के मुद्दे पर कमेटी गठित करने का फैसला लिया गया है। साथ ही, मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को एक महीने के भीतर उनकी मांगे पूरी करने का भरोसा दिलाया है। इसके बाद कर्मचारियों ने तत्काल प्रभाव से काम पर लौटने का फैसला लिया। हड़ताल खत्म होने से शहरवासियों को त्योहार के दिनों में राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद यूनियन अध्यक्ष मगनलाल झांझोट ने बताया कि, बैठक में कर्मचारी संगठन की ओर से 10 मांगें रखी गई थीं, जिनमें से 8 पर मुख्यमंत्री ने सहमति दे दी है। नियमितीकरण को लेकर कमेटी बनाई जाएगी, जो इस पर विचार करेगी। उन्होंने बताया कि, सीएम ने आश्वासन दिया है कि, कमेटी के जरिए कर्मचारियों की मांगों पर काम कराया जाएगा। सीएम ने कर्मचारियों को एक महीने का समय दिया है, जिसके चलते सफाई कर्मचारी यूनियन ने हड़ताल खत्म कर दी है।
हड़ताल के चलते राजधानी के 85 वार्डों और 21 जोन में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप रही। न तो डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन हुआ, न ही सड़कों की सफाई की गई। अतिरिक्त एक दिन तो शहरवासी दिवाली की सफाई तक का कचरा घर और दुकानों में ही रखे रहे, पर अगले दिन ये कचरा सड़क किनारों पर पड़ा नजर आने लगा, जिसने करीब दो दिन राहगीरों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी। हालात ये बन गए कि, पुराने शहर से लेकर नए शहर तक के बाजारों में कचरे का अंबार नजर आ रहा था। यही नहीं, शहर के न्यू मार्केट, वल्लभ भवन समेत कई वीआईपी कॉलोनी 4 इमली तक में हर जगह कचरे का अंबार नजर आने लगा।
शहर में 7 हजार से ज्यादा सफाई कर्मचारी और 400 से अधिक कचरा गाड़ियां इस व्यवस्था का हिस्सा हैं। राजधानी में आमतौर पर रोजाना करीब 850 मीट्रिक टन कचरा उठाया जाता है। अनुमान के हिसाब से त्योहारी सीजन होने के चलते तीन दिन की हड़ताल में शहर में 3 हजार मीट्रिक टन से अधिक कचरा जमा होने का अनुमान लगाया गया था।
सफाई कर्मचारी करीब 10,500 रुपए मासिक वेतन मिलने की बात कहते हुए इसे बढ़ाकर 25 हजार करने की मांग पर अड़े थे। उनकी प्रमुख मांगों में ठेका व्यवस्था खत्म करना, स्थायी नियुक्ति, सरकारी कर्मचारी का दर्जा और कर्मचारी की मृत्यु होने पर पति या पत्नी में से किसी एक को अनुकंपा नियुक्ति देना शामिल था। फिलहाल, सीएम से मुलाकात के बाद कर्मचारियों की मांगों पर आगे होने वाली कार्रवाई और नियमितिकरण के लिए गठित होने जा रही कमेटी की भूमिका पर सबकी नजर रहेगी।