ऐसे में आवेदन नहीं करने वाले शिक्षकों के सामने आने वाले दो साल रहेगी। खास बात यह है कि शिक्षकों की मांग पर परीक्षा का तरीका तक बदल दिया गया। पहले ऑनलाइन परीक्षा कराने की तैयारी थी, लेकिन विरोध के बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल को ऑफलाइन परीक्षा कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई। आवेदन की तारीख बढ़ाई गई, इसके बावजूद शिक्षक ने परीक्षा के लिए आवेदन नहीं किया। बोर्ड दिसंबर के पहले सप्ताह में परीक्षा कराने की तैयारी कर रहा है।