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एमपी में नौकरी से हटाए जा सकते है 1.16 लाख टीचर्स ! सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर हो रही तैयारी

Teacher Eligibility Test: मध्यप्रदेश में डेढ़ लाख शिक्षकों में से केवल 34 हजार ने टीईटी परीक्षा के लिए आवेदन किया है। सुप्रीम कोर्ट की 31 अगस्त 2028 की समयसीमा न पूरी करने पर उनकी सेवा पर संकट आ सकता है।
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भोपाल

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Astha Awasthi

•

Updated: 6 Nov 2026, 11:14 AM IST

शिक्षक पात्रता परीक्षा (Photo Source: AI Image)

शिक्षक पात्रता परीक्षा (Photo Source: AI Image)

Bhopal news: सुप्रीम कोर्ट की अनिवार्यता और नौकरी पर संकट के बावजूद मध्यप्रदेश के शिक्षकों में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर गंभीरता नजर नहीं आ रही है। मध्यप्रदेश में करीब डेढ़ लाख शिक्षक टीईटी के दायरे में हैं, लेकिन इसमें से केवल 34 हजार शिक्षकों ने परीक्षा के लिए आवेदन किया है। यानी करीब 1 लाख 16 हजार शिक्षक अभी आवेदन नहीं कर पाए हैं। सुप्रीम कोर्ट की तय समयसीमा 31 अगस्त 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण नहीं करने वाले शिक्षकों की सेवा पर संकट खड़ा हो सकता है।

ऐसे में आवेदन नहीं करने वाले शिक्षकों के सामने आने वाले दो साल रहेगी। खास बात यह है कि शिक्षकों की मांग पर परीक्षा का तरीका तक बदल दिया गया। पहले ऑनलाइन परीक्षा कराने की तैयारी थी, लेकिन विरोध के बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल को ऑफलाइन परीक्षा कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई। आवेदन की तारीख बढ़ाई गई, इसके बावजूद शिक्षक ने परीक्षा के लिए आवेदन नहीं किया। बोर्ड दिसंबर के पहले सप्ताह में परीक्षा कराने की तैयारी कर रहा है।

ब्लॉक स्तर पर बनेंगे परीक्षा केंद्र

शिक्षकों का तर्क था कि लंबे समय से सेवा दे रहे कई शिक्षक ऑनलाइन परीक्षा के बजाय ऑफलाइन परीक्षा में सहज महसूस करेंगे। उनकी मांग को ध्यान में रखते हुए परीक्षा का जिम्मा माध्यमिक शिक्षा मंडल को दिया गया। परीक्षा में 150 एमसीक्यू (बहुविकल्प) प्रश्न होंगे।

2028 की समयसीमा के बाद नहीं मिलेगा मौका

सुप्रीम कोर्ट ने इन-सर्विस शिक्षकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण करने की समयसीमा 31 अगस्त 2028 तय की है। इस अवधि में परीक्षा पास नहीं करने वाले शिक्षकों की सेवा जारी रखने की पात्रता प्रभावित होगी। हालांकि जिन शिक्षकों की 1 सितंबर 2025 को सेवानिवृत्ति में पांच साल से कम सेवा शेष थी, उन्हें सेवानिवृत्ति तक सेवा जारी रखने की छूट दी गई है। लेकिन वे टीईटी पास किए बिना पदोन्नति नहीं पा सकेंगे।

विभाग सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों तैयारी कर रहा है। माशिमं को परीक्षा कराने की जिम्मेदारी दी गई है। परीक्षा केंद्रों और अन्य व्यवस्थाओं को आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या के आधार पर अंतिम रूप दिया जाएगा। शिक्षकों को निर्धारित समय सीमा में पात्रता हासिल करने के अवसर उपलब्ध कराने आगे की परीक्षाओं की व्यवस्था की जाएगी।- अभिषेक सिंह, आयुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय

प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प होंगे और सही विकल्प चुनना होगा। प्रश्नपत्र हल करने के लिए ढाई घंटे का समय मिलेगा। परीक्षा केंद्रों का चयन भी शुरू हो गया है। शिक्षकों को दूर नहीं जाना पड़े, इसके लिए ब्लॉक स्तर पर केंद्र बनाने की तैयारी है।