भोपाल-इंदौर ही नहीं, छोटे जिलों की भी चमक रिपोर्ट का शानदार पहलू भागीदारी है। जमा में भोपाल- इंदौर की बादशाहत कायम है, लेकिन अब ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा, उज्जैन, सिंगरौली जैसे जिलों का ग्राफ भी तेजी से चढ़ रहा है। यह संकेत है कि बचत अब सिर्फ महानगरों की कहानी नहीं। छोटे कारोबारी, नौकरीपेशा, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं और ग्रामीण परिवार- सब इस महाअभियान का हिस्सा बन रहे हैं।