दूध के बाद अब ब्रेड बटर के दामों में भी भारी बढ़ोतरी
भोपाल. सुबह का नाश्ता अब महंगा हो गया है। एलपीजी और दूध के बाद ब्रेड, टोस्ट, चिप्स व बटर के दामों में 18 से 25 प्रतिशत की तेजी आई है। सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली ब्रेड पांच रुपए महंगी हो गयी है। शीतल पेय, नमकीन तथा केक भी महंगे हुए हैं। मैदा के दाम बढ़ने से सिर्फ नाश्ते के खर्च में करीब एक हजार रुपए प्रति माह की बढ़त हो गई है। कच्चे माल में तेजी और मालभाड़ा महंगा होने के कारण खाद्य सामग्रियों के दाम बढ़े हैं।
टैक्स एक्सपर्ट का कहना है कि ब्रेड.टोस्ट पर टैक्स नहीं है पैकिंग मटेरियल के भाव बढ़ने का असर खाद्य वस्तुओं पर पड़ा है। इसलिए निर्माताओं ने सभी वस्तुओं की कीमतों में इजाफा कर दिया है। हालांकि इससे आम आदमी का बजट गड़बड़ा गया है।
सामग्री- माह के शुरू मेें- वर्तमान भाव- वजन
ब्रेड- 25 -30 रुपए -400 ग्राम
बटर- 48 -52 रुपए- 100 ग्राम
चिप्स- 25- 35 रुपए- 100 ग्राम
नमकीन- 70- 75 रुपए- 400 ग्राम
टोस्ट- 30- 35 रुपए- 200 ग्राम
शीतल पेय- 13- 15 रुपए- 120 एमएल
केक- 10 रुपए -12 रुपए- 50 ग्राम
स्रोत- खुदरा बेकरी प्रोडक्ट्स विक्रेताओं से प्राप्त भाव।
एमपी फूड प्रोडक्ट्स के संचालक मोहित गर्ग के अनुसार मैदा, शक्कर, यीस्ट, तेल, आटा, एलपीजी, पैकिंग मटेरियल के दाम बढ़ गए हैं। इससे चीजें महंगी हुई हैं।
ओमनी बेकर्स के संचालक नितिन मेहंदीरत्ता बताते हैं कि रॉ मटेरियल महंगा होने, पैकिंग के दाम बढने औऱ लेबर व मालभाड़ा महंगा होने से रेट में इजाफा हुआ है।
बेरछा मावा भंडार के डायरेक्टर पंकज खंडेलवाल के अनुसार इमलती फायर, ब्रेड इम्पूवर, ऑयल, बिजली जैसी लगभग सभी चीजों के दाम बढऩे का असर बाजार में देखा जा रहा है। पैकेजिंग के नए नार्म्स से खर्च बढ़ गया है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
जीएसटी एक्सपर्ट मुकुल शर्मा के मुताबिक सारी चीजों के भाव कच्चे माल की कीमतों पर निर्भर करते हैं। कच्चा माल एवं ट्रांसपोर्टेशन खर्च बढ़ने से उपभोक्ता वस्तुएं महंगी होती हैं। हालांकि इससे सरकार के राजस्व में बढ़ोत्तरी होती है। लेकिन आम आदमी पर महंगाई का भार आता है।