बैरागढ़ से मिसरोद के बीच बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (बीआरटीएस) में ट्रैफिक जाम व दुर्घटनाओं से लोगों को बचाने नगरीय प्रशासन मंत्री जयवद्र्धनसिंह के दावे के बावजूद कोई काम नहींं बढ़ा।
भोपाल। बैरागढ़ से मिसरोद के बीच बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (बीआरटीएस) में ट्रैफिक जाम व दुर्घटनाओं से लोगों को बचाने नगरीय प्रशासन मंत्री जयवद्र्धनसिंह के दावे के बावजूद कोई काम नहींं बढ़ा। इतना ही नहीं, बीआरटीएस की खराब सडक़ को सुधारने से लेकर इसकी रैलिंग व बस स्टॉप की टूटफूट दुरूस्त करने के लिए १२ करोड़ रुपए का काम भी नहीं हुआ। मौजूदा स्थिति ये हैं कि बैरागढ़ से लेकर पुराना शहर और नए शहर में मिसरोद तक कई जगहों पर इसमें वाहन रेंगने लगते हैं। डेडिकेटेड लेन हर दूसरे-तीसरे दिन दुर्घटना की स्थिति बना रही है।
गौरतलब है कि मंत्री जयवद्ध्र्रनसिंह ने बैरागढ़ में घोषणा की थी कि बीआरटीएस दिक्कत दे रहा है। इसे हटाया जाए या फिर क्या सुधार किया जाए इसके लिए लोगों से रायशुमारी की जाएगी। करीब डेढ़ माह का समय बीत गया। निगम प्रशासन को ये रायशुमारी कराना थी, लेकिन कोई काम नहीं किया गया। निगमायुक्त विजय दत्ता इस मामले में किसी भी प्रगति से इंकार कर रहे हैं।
वे शासन के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं और शासन ने कोई निर्देश जारी ही नहीं किए। एेसे में लोगों को बीआरटीएस की गड़बड़ी से लगातार परेशानियां हो रही है। मंत्री जयवद्र्धनसिंह का कहना है कि हम इसे दिखवा रहे हैं। जल्द ही प्रक्रिया शुरू करेंगे।
१२ करोड़ का काम दिया, सडक़ पर डामर तक नहीं किया
बीआरटीएस मेंटेनेंस के लिए नगर निगम ने शर्मन इंडिया कंपनी को १२ करोड़ रुपए में मेंटेनेंस का काम दिया। बैरागढ़ की और कुछ बस स्टॉप पर मेंटेनेंस किया गया। कुछ रैलिंग दुरूस्त की और काम बंद कर दिया गया। विधानसभा चुनाव के पहले कंपनी को ये काम दिया था, लेकिन पूरा नहीं किया गया। हैरत ये हैं कि निगम के जिम्मेदार इस पूरे मामले को ही भूल गए।
हबीबगंज रेलवे स्टेशन के सामने से लेकर पुराने शहर, बैरागढ़, मिसरोद की और बीआरटीएस डेडिकेटेड लेन व मिक्स लेन में कई जगह उखड़ गई है। लोगों को बेहद दिक्कत हो रही है। गौरतलब है कि शर्मन इंडिया को पांच करोड़ रुपए में सर्विस रोड बनाने का काम भी दिया था, लेकिन उसने अधूरा छोड़ दिया।
इसके बाद इसी कंपनी को पांच करोड़ रुपए में वीआईपी रोड के मेंटेनेंस का काम दिया था वह भी पूरा नहीं किया गया। कंपनी काम शुरू करती है और बाद में भुगतान नहंी होने की बात कहकर काम बंद कर देती है। हैरत ये हैं कि इसके बावजूद कंपनी भी नए काम ले लेती है और निगम भी उसे काम दे देता है।
ये हो रही दिक्कत
- लोगों को २२ किमी के बीआरटीएस में ४० से अधिक स्थानों पर जाम में उलझना पड़ रहा है, इसका कोई उपाय नहीं किया गया।
- कई जगह रैलिंग टूटी है जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है।
- डेडिकेटेड लेन में चिन्हित कर अन्य वाहनों की एंट्री तो शुरू की, लेकिन इसमें तमाम वाहन प्रवेश करने लगे हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है।
- बीआरटीएस में प्रवेश और निकासी के लिए कई जगह मनमर्जी के कट्स लगे हैं। इसे बंद नहीं किया गया।