
भोपाल. व्यापमं महाघोटाला में सीबीआई ने हार्ड disc से छेड़छाड़ को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के आरोपों को सच नहीं मानते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को क्लीन चिट दे दी है।
सीबीआई ने विशेष न्यायाधीश एससी उपाध्याय की कोर्ट में मंगलवार को 490 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की। यह चार्जशीट करीब एक हजार पेज की है। इसमें दावा किया कि व्यापमं से बरामद पीएमटी 2013 की हार्ड disc में कोई छेड़छाड़ नहीं की, लेकिन जो पैन ड्राइव दिग्विजय सिंह एवं अन्य ने कोर्ट में जमा की थी उसमें छेड़छाड़ कर सीएम शब्द जोड़ा गया था। विशेष न्यायाधीश ने सीबीआई को इस बात के लिए लताड़ भी लगाई कि चार्जशीट पेश करने में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
पुलिस की हार्ड disc को सही माना दिग्विजय सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि व्यापमं की उस हार्ड disc से छेड़छाड़ की गई थी, जिसमें पीएमटी 2013 का रिकार्ड था। ये छेड़छाड़ 18 जुलाई 2013 को इंदौर की राजेंद्र नगर पुलिस ने व्यापमं के प्रमुख सिस्टम एनॉलिसिस्ट के कंप्यूटर से जब्त हार्डdisc में की थी। ऐसे ही आरोपों के साथ ही प्रशांत पांडे ने भी छेड़छाड़ वाली एक्सल शीट की पैन ड्राइव हाईकोर्ट में दी थी। सीबीआई ने हैदराबाद की सेंट्रल फॉरेंसिक लैब में हार्ड ***** और 2 पैन ड्राइव की जांच कराई।
कोर्ट में पेश चार्र्जशीट में फॉरेंसिक लैब की जांच के हवाले से कहा गया कि इनसे मिली पैन ड्राइव की एक्सल शीट में छेड़छाड़ की गई, जबकि व्यापमं से बरामद हार्डडिस्क में कोई छेड़छाड़ नहीं पाई गई। व्यापमं से जो हार्डडिस्क बरामद की गई थी, उसमें 15 जुलाई 2013 के बाद एक्सलशीट को खोला ही नहीं गया था।
दिग्विजय सिंह और अन्य द्वारा कोर्ट में जमा की गई पैन ड्राइव में एक्सल शीट के साथ 18 जुलाई 2013 के बाद छेड़छाड़ करके एक स्थान पर सीएम शब्द जोड़ा गया था।
मानहानि का केस करेंगे दिग्विजय और उनके साथियों ने न सिर्फ न्यायालय को गुमराह किया, बल्कि सीएम शिवराज को मानसिक संताप भी पहुंचाया है। हम कानूनी राय लेकर दिग्विजय के खिलाफ मानहानि दावा करेंगे।
-नंदकुमार सिंह चौहान, अध्यक्ष प्रदेश भाजपा सुप्रीमकोर्ट जाएंगे
मुख्यमंत्री शिवराज को क्लीनचिट देने की बात प्रयोजित कर सुप्रीमकोर्ट की अवमानना की जा रही है। विवेक तनखा और कपिल सिब्बल इस मामले में सुप्रीमकोर्ट जाएंगे।
-केके मिश्रा, प्रवक्ता, प्रदेश कांग्रेस
अदालत ने सीबीआई को लगाई फटकार
व्यापम महाघोटाले में सीबीआई ने जिन 490 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की, उनमें व्यापमं के 3 अधिकारी, 3 रैकेटियर, 17 दलाल, 297 साल्वर और लाभान्वित अभ्यर्थी के साथ ही 170 अभिभावक शामिल हैं। सीबीआई द्वारा चालान पेश करने के पहले आरोपियों को लिखित सूचना नहीं देने पर अदालत ने जमकर लताड़ लगाई। अदालत ने टिप्पणी की कि सीबीआई अपने ऊपर कोई दायित्व लेना नहंीं चाहती और ना ही उसने निर्धारित प्रावधानों में चालान प्रस्तुत किया है। न्यायाधीश बोले, भले ही सीबीआई अपना दायित्व नहीं समझे, लेकिन न्यायालय अपना दायित्व निभाएगा। यह कहकर अदालत ने 88 आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के आदेश दिये। अदालत में ८ आरोपियों ने जमानत अर्जी पेश की ।