
GIS 2027 : एमपी में "बड़ा" कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। मोहन यादव सरकार ग्लोबल इन्वेस्टर समिट (जीआइएस) 2027 के आयोजन की तैयारियों में जुट गई है, इसका पहला न्योता यूएई के निवेशकों को दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद न्योता देने 6 सितंबर को दुबई जा रहे है, जहां वे एक स्थानीय कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। निवेशकों से मिलेंगे और उन्हें मप्र आने का न्योता देंगे। 2 जनवरी 2027 में प्रस्तावित इस कार्यक्रम में शामिल होने पीएम नरेंद्र मोदी के भोपाल आने की संभावना है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वयं 7 अन्य देशों के निवेशकों को न्योता देने स्वयं जाने की योजना पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा अन्य देशों के निवेशकों भी संपर्क शुरू कर दिया है। जीआइएस- 1 के समय भी मुख्यमंत्री ने स्वयं यूनाइटेड किंगडम (यूके), जर्मनी, जापान समेत अन्य देशों की यात्राएं की थी और निवेशकों को मप्र आने का न्योता दिया था।
जीआइएस-1 फरवरी 2025 में हुई थी, उसके पहले मुख्यमंत्री नवंबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच इन देशों में गए थे। जीआइएस-2 जनवरी 2027 में प्रस्तावित है, जो भोपाल में होनी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका शुभारंभ कर सकते हैं। इसमें अब चार महीने ही बाकी है। सरकार ने जीआइएस में रेकॉर्ड निवेश हासिल करने की लगभग सभी रणनीतियों पर काम शुरू कर दिया है।
पिछली जीआइएस के दौरान 34 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले थे, इनमें से करीब 9 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर काम भी शुरू हो गया है। यह दावा प्रदेश सरकार का है। सीएम डॉ. मोहन यादव हाल में दिल्ली में हुए एक संवाद कार्यक्रम में यह बात कह चुके हैं। उद्योग एवं एमएसएमई विभाग के अधिकारी भी यही दावा कर रहे हैं। इन निवेश प्रस्तावों को विभिन्न केंद्रीय प्लेटफार्मों पर रेकॉर्ड कराया जा चुका है, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।
सरकार का फोकस कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, कपड़ा, खनन, आइटी/आइटीइएस, भंडारण और लॉजिस्टिक्स, वाहन, दवा और फार्मास्युटिकल्स, रक्षा और वैमानिकी नवीकरणीय ऊर्जा, शहरी विकास और पर्यटन जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूर्व की तुलना में अब दूध उत्पादन तेजी से उभरा है। दूध से कई उत्पाद बनाए जा रहे हैं, जिनकी दुनिया भर में मांग बढ़ी है। स्वभाविक है मप्र दूध उत्पादन करने वाले शीर्ष राज्यों में शामिल है।
जीआइएस-2027 में 70 से अधिक देशों के निवेशक, उद्योगपतियों को बुलाए जाने की तैयारी है। बीते साल 60 देशों के निवेशकों को आमंत्रित किया था जिसमें कई देशों के प्रमुख उद्योगपति, निवेशक, नीति निर्माता, विशेषज्ञ, 13 देशों के राजदूत, 6 देशों के उच्चायुक्त और वाणिज्य दूतावास प्रमुख शामिल हुए थे। देश व राज्य के लिए औद्योगिक गतिविधियों काफी अहम मानी जाती रही है। कई राज्य इस दिशा में तेजी से बढ़े हैं। पिछले वर्षों में महाराष्ट्र का काम काफी प्रभावी रहा है। मप्र भी इस देश में तेजी से आगे बढ़ रहा है।