
ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर ठगे जा रहे लोग (फोटो सोर्स: AI Generated)
MP News : ऑनलाइन शॉपिंग ने बाजार को हमारे मोबाइल स्क्रीन तक पहुंचा दिया है, लेकिन सुविधा के साथ नकली सामान और साइबर ठगी का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। नामी ब्रांड के मोबाइल, लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े और जूतों के नाम पर ग्राहकों को नकली या ब्रांड से मिलते-जुलते नाम वाले उत्पाद भी भेजे जा रहे हैं। मध्य प्रदेश में सामने आए कई मामलों में लोग असली ब्रांड या बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की हू-ब-हू कॉपी (फर्जी वेबसाइट) पर भुगतान कर ठगे जा रहे हैं तो थर्ड पार्टी सेलर फर्जी उत्पाद बेच रहे हैं।
फर्जी वेबसाइट संचालक नामी ई- कॉमर्स कंपनियों के लोगो, फोटो, डिजाइन की नकल कर 50-80 फीसदी तक छूट, सीमित स्टॉक व 'कुछ घंटों में ऑफर खत्म' जैसे मैसेज देकर तुंरत भुगतान का दबाव बनाते हैं। रुपए लेने के बाद सामान नहीं भेजते या नकली सामान भेजते हैं। कई बार शिकायत पर पैसा लौटाते हैं, लेकिन नकली उत्पाद वापस नहीं लेते।
नकली सामान मिलने के बाद जब ग्राहक कस्टमर केयर का नंबर खोजता है, तब ठग इंटरनेट पर मौजूद फर्जी कस्टमर केयर नंबरों के जरिए नया जाल बुनते हैं। रिफंड के नाम पर उनसे ओटीपी, बैंक विवरण, स्क्रीन शेयर करने या किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने को कहा जाता है। इसी दौरान बैंक खाता खाली होने का जोखिम रहता है।
-उपभोक्ता अमित शर्मा ने ई- कॉमर्स साइट से भारी डिस्काउंट पर गोल्ड कॉफी ऑर्डर की। डिलेवरी के बाद डिब्बे की पैकिंग अलग निकली। शिकायत पर पैसे रिफंड हो गए, लेकिन नकली डिब्बा कोई वापस लेने नहीं आया।
-सीहोर जिले में लॉजिस्टिक कंपनी के ब्रांच मैनेजर, असिस्टेंट मैनेजर और डिलेवरी बॉय ने मिलकर स्मार्ट वॉच के 20 पार्सल (कीमत 30 लाख से ज्यादा) बदलकर उनमें नकली वॉच रख दीं। मामले में पुलिस ने एफआइआर दर्ज की।
राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के खिलाफ 2021 से 2025 के बीच 19.87 लाख शिकायतें दर्ज हुईं। 2021 में यह संख्या 2.24 लाख थी, जो 2025 में बढ़कर 5.11 लाख हो गई।
राज्य साइबर क्राइम सेल और 1930 हेल्पलाइन के अनुसार मध्यप्रदेश में हर साल ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड की 15,000 से ज्यादा शिकायतें दर्ज होती हैं।
2022 से 2025 के बीच नकली, डुप्लीकेट और काउंटरफीट सामान की 17,500 से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं। अकेले 2025 के शुरुआती छह महीनों में 7,221 मामले सामने आए।
-विक्रेता की जांच करें: बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर खरीदारी करते समय विक्रेता की रेटिंग, ग्राहकों के रिव्यू व रिटर्न पॉलिसी जरूर देखें।
-अनजान लिंक व नंबर से बचें: रिफंड के लिए गूगल पर दिखे अज्ञात कस्टमर केयर नंबर पर कॉल न करें। किसी के कहने पर ओटीपी या स्क्रीन शेयर करें।
-महंगे सामान का सत्यापन: इलेक्ट्रॉनिक्स सामान लेते समय पैकेट, सीरियल नंबर व आइएमईआइ नंबर की जांच करें।
-यहां करें शिकायत: साइबर फ्रॉड होने पर राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
Updated on:
27 Aug 2026 07:11 am
Published on:
27 Aug 2026 07:11 am
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