
बुजुर्ग दंपती 96 दिन रखा डिजिटल अरेस्ट (फोटो सोर्स: Patrika)
Bhopal News : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सबसे अधिक दिन तक डिजिटल अरेस्ट का अजीबोगरीब मामला सामने आया है। एक बुजुर्ग दंपती को आंध्रपदेश से ट्रैर कर मई 2026 में डिजिटल अरेस्ट किया गया और भोपाल तक पीछा कर 96 दिन किसी से भी संपर्क नहीं करने दिया गया। डरे सहमे दंपती ने गहने बेचकर ठगों के बताए खातों में 22 लाख रुपए भेजे। फिलहाल, बुजुर्ग की शिकायत पर पुलिस जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, कोलार के गणपति एन्क्लेव में रहने वाले 65 वर्षीय सुवर्णा लक्ष्मी परिवार के साथ रहती हैं। पति नरसिम्हा राव निजी कंपनी के फाइनेंस विभाग से रिटायर्ड हैं। फरवरी में दंपती आंध्र प्रदेश के पैतृक गांव गए थे। पीड़ित दंपती ने पुलिस को बताया कि, 19 मई को अनजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को दिल्ली के दरियागंज थाने का अधिकारी बताया। उसने कहा कि, दिल्ली के केनरा बैंक खाते से जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग केस में करोड़ों का लेनदेन हुआ है और जांच में दंपती का नाम भी सामने आया है। यहां से कॉल करने का सिलसिला शुरू हो गया और किसी से संपर्क करने से मना कर दिया।
साइबर ठगों ने बुजुर्ग द्पती को डिजिटल अरेस्ट कर एक व्यक्ति को सुप्रीम कोर्ट जज बताते हुए वीडियो कॉल पर बात कराई। संदिग्ध लेनदेन का आरोप लगाते हुए दंपती को धमकाया गया। दंपती ने लेनदेन से इंकार किया, लेकिन आरोपियों ने सफाई सुनने के बजाय गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया। ठगों के ट्रैप में फंसे होने की जानकारी राव ने किसी को नहीं दी और आंध्र प्रदेश से भोपाल आ गए। 12 जून को कोलार में सोने के जेवर गिरवी रखकर 22 लाख रुपए का लोन लिया। फिर ठगों के बताए कोलकाता की निजी कंपनी के खाते में रकम जमा करा दी।
पैसे मिलते ही ठगों ने जमानत मिलने और उसके कागजात कोलार थाने पहुंच जाने की बात कही। कुछ पेपर वाट्सएप पर भेजे गए। उन्हें लेकर वे कोलार थाना पहुंचे तो दस्तावेज फर्जी होने का संदेह सामने आया, तब दंपती को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने 23 अगस्त को कोलार थाने में डिजिटल अरेस्ट किए जाने के संबंध में शिकायत दर्ज कराई।
वहीं, शहर के टीटी नगर थाना इलाके में ग्रीन गैस कनेक्शन दिलाने के नाम पर एक दुकानदार से 2.10 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, 43 वर्षीय आयुष कपूर सीआइ हाउस, माता मंदिर के पास रहते हैं और उनकी कलर पेंट की दुकान है। वह आगरा से ग्रीन गैस का कनेक्शन लेने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान 20 अगस्त को उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को ग्रीन गैस कंपनी का कर्मचारी बताया और कनेक्शन के नाम पर एक लिंक भेजा। आयुष ने लिंक पर जानकारी भर दी। इसके बाद आरोपी ने 13 रुपए जमा करने को कहा। ट्रांजेक्शन सफल न होने पर आरोपी ने दूसरे खाते से पैसे डालने को कहा। कुछ देर बाद दोनों खातों से 5-6 ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 2,10,823 रुपए कट गए। मोबाइल पर पैसे कटने का मैसेज मिलने के बाद आयुष को ठगी का पता चला।
वहीं, शाहपुरा थाना क्षेत्र स्थित एक कार वर्कशॉप के संचालक से धोखाधड़ी करने वाले तीन मैकेनिकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार बावडिय़ा कला निवासी सर्वेश दुबे कार के यहां फरीद 17 वर्षों से काम कर रहा था। उसका भाई वारिद और परिचित मजदूर मजहर भी वर्कशॉप से जुड़े थे। आरोप है कि उन्होंने लंबे समय से ग्राहकों से रिपेयरिंग की रकम अपने खातों में जमा कराई। शिकायत पर पुलिस ने जांच कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
Updated on:
27 Aug 2026 08:13 am
Published on:
27 Aug 2026 08:13 am
