
CM Mohan Yadav : चित्रकूट में बाढ़ के कारण स्थिति बहुत खराब हो गई है। खबर मिलते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को दिल्ली से करीब आधी रात सीधे रीवा पहुंच गए। उन्होंने अधिकारियों से रीवा और सतना जिले में बाढ़ के हालात जाने। राहत कार्यों की समीक्षा की। सीएम मोहन यादव ने कहा, हमारा प्रयास है कि प्रभावित लोगों तक हम हर संभव सहायता पहुंचाएं। इसमें प्रशासन लगा हुआ है। मुख्यमंत्री रविवार को चित्रकूट में बाढ़ की विभीषिका का जायजा लेंगे। इस दौरान हवाई सर्वे करने के साथ ही आश्रय स्थलों का जायजा ले सकते हैं। सीएम मोहन यादव आज प्रशासनिक इंतजामों की समीक्षा भी कर सकते हैं।
सतना के पानी से रीवा जिले में टमस नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। त्योंथर, सेमरिया, जवा क्षेत्र में अलर्ट जारी कर सितलहा पुल पर पुलिस तैनाती की गई है। बकिया, बीहर और मेजा समेत कई बांधों के गेट खोले गए हैं। सतना के खान्हा स्थित वेयरहाउस में 5 फीट पानी भरने से करीब 58 हजार मीट्रिक टन गेहूं- धान खराब हो गया।
शुक्रवार रात करीब 11 से शनिवार दोपहर 12 बजे तक सतना जिले के मझगवां, बरौंधा और धारकुंडी क्षेत्रों में अनवरत हुई तेज बारिश ने धर्मनगरी चित्रकूट और आसपास के अंचल को भीषण बाढ़ की चपेट में ले लिया। पहाड़ी नालों के उफान और पयस्वनी नदी के अथाह जल से मंदाकिनी नदी ने ऐसा रौद्र रूप धारण किया कि चित्रकूट में भयानक बाढ़ आ गई। दोपहर तक कई बस्तियों में पांच फीट से ज्यादा पानी भर गया। निचले मकानों की पहली मंजिल डूब गई। श्रद्धालुओं की चहल-पहल वाली सड़कों पर नावें चलने लगीं। पानी के प्रचंड वेग से चित्रकूट का सबसे बड़ा 25 फीट ऊंचा नयागांव पुल बह गया, जो रामघाट को हनुमानधारा क्षेत्र से जोड़ता था। सतना-चित्रकूट के बीच पयस्वनी नदी के उफान से पिंडरा का पुल डूब गया। हाईवे की पटरी धंसने से खड़ा ट्रक इसमें समा गया। इससे सतना-चित्रकूट का सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया।
चित्रकूट में स्थानीय एसडीआरएफ की मुश्किल देख कलेक्टर की मांग पर तत्काल सेना से एयर सपोर्ट मांगा गया। ऐसे में सेना के दो हेलीकॉप्टर ने पहुंचकर राहत व बचाव कार्य शुरू किया।
आज रात पूर्व निर्धारित कार्यक्रम निरस्त कर नई दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचा और चित्रकूट में अतिवृष्टि और मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ की स्थिति के मद्देनजर संबंधित अधिकारियों की आपात बैठक ली। बचाव और राहत कार्यों के साथ सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
चित्रकूट में लगातार अतिवृष्टि से मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने पर प्रशासन एवं SDRF की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। प्रभावित लोगों के लिए आश्रय स्थलों पर भोजन और चिकित्सा सहित आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। कल सतना जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा भी लूंगा।
बाढ़ एवं जल भराव की स्थिति में सूचना और सहायता के लिए कंट्रोल रूम टेलीफोन नंबर-07672-223211 की व्यवस्था की गई है।