एआईसीसी के सचिवों का भी प्रदेश में डेरा
भोपाल : 14 दिसंबर को दिल्ली में होने वाली कांग्रेस की महारैली में भीड़ जुटाना प्रदेश कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्र बन गया है। एआईसीसी को सबसे ज्यादा उम्मीद मध्यप्रदेश से है। कांग्रेस दिल्ली में केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ी रैली कर शक्ति प्रदर्शन करना चाहती है।
मुख्यमंत्री कमलनाथ पहले ही कांग्रेस नेताओं से कह चुके हैं कि दिल्ली में प्रदेश से जितने लोग जाएंगे उतना ही प्रदेश का मान बढ़ेगा। दिल्ली में भीड़ जुटाने के लिए कांग्रेस ने संभागीय समितियां बनाई हैं। आठ संभागों में प्रदेश के 29 बड़े नेताओं को भीड़ जुटाने के लिए लगाया गया है। वहीं एआईसीसी के प्रभारी सचिव सुधांशु त्रिवेदी और संजय कपूर प्रदेश में डेरा डाले हुए हैं। प्रदेश से 60 हजार से ज्यादा कार्यकर्ताओं को दिल्ली ले जाने की तैयारी की जा रही है।
इन नेताओं की लगाई ड्यूटी :
- ग्वालियर-चंबल संभाग - रामनिवास रावत,अशोक सिंह,अशोक शर्मा, रामबरन गुर्जर
- सागर संभाग - अरुणोदय चौबे,चंद्रिका प्रसाद द्विवेदी, जीवन पटेल
- रीवा संभाग - राजमणि पटेल, राजाराम त्रिपाठी,अरविंद सिंह चंदेल
- शहडोल संभाग - बिसाहूलाल सिंह, अजय सिंह, शिवकुमार नामदेव, राकेश कटारे
- जबलपुर संभाग - रजनीश सिंह, ब्रजबिहारी पटेल, नन्हें सिंह ठाकुर
- भोपाल-होशंगाबाद संभाग - सुनील सूद, महेंद्र सिंह चौहान, राजकुमार पटेल,जहीर अहमद, सगीर खान
- उज्जैन संभाग - सत्यनारायण पवार, रामवीर सिकरवार, पारस सकलेचा
- इंदौर संभाग - गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी, सत्यनारायण पटेल, पंकज संघवी, मुजीब कुरैशी
मंदी के खिलाफ महारैली :
कांग्रेस मोदी सरकार को आर्थिक मोर्चे पर असफल करार देकर देश में अपनी वापसी करना चाहती है। इस महारैली का मकसद यही है कि केंद्र सरकार को ये अहसास दिलाया जाए कि देश में अभी भी कांग्रेस कमजोर नहीं है। रैली में पूरे देश से लाखों कार्यकर्ताओं को जुटाने की तैयारी की जा रही है। इसमें मध्यप्रदेश,राजस्थान और छत्तीसगढ़ से विशेष उम्मीदें हैं क्योंकि इन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है।