पूर्व की भाजपा सरकार द्वारा ७ वर्ष पहले शुरू की गई और प्रदेश में बजुर्गों के बीच लोकप्रिय मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना को प्रदेश की कांग्रेस सरकार भी
बता दें मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत अंतिम तीर्थ यात्रा ट्रेन ३० सितंबर से ०५ अक्टूबर २०१८ तक उमरिया, शहडोल और अनूपपुर होते हुए रामेश्वरम के लिए रवाना हुई थी। इसके बाद प्रदेश में विधानसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लग गई और योजना के तहत चलाई जा रही ट्रेनों को बंद कर दिया गया।
अब चूंकि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हो ग या है एेसे में इस योजना के संचालन को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे थे, लेकिन प्रदेश के बुजुर्गों में अत्यधिक लोकप्रिय इस योजना को वर्तमान सरकार ने भी यथावत चलाने का निर्णय लिया है।
अब तक ७०० टे्रनें चली, ७ लाख ने किए तीर्थ दर्शन--वर्ष २०१२ में प्रदेश की तत्कालीन भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक लगभग ७०० ट्रेनें चलाई जा चुकी हैं। जिसमें लगभग ७ लाख लोग तीर्थ दर्शन कर चुके हैं। इस योजना के तहत बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा कराने के लिए सरकार ने आरआरसीटीसी के साथ एमओयू कर रखा है।
लगभग एक दर्जन तीर्थ स्थल योजना मंे शामिल--इस योजना के तहत लगभग दर्जन भर तीर्थ स्थलों को शामिल किया गया है। इनमें मदुरै, रमेश्वरम, पुरी-गंगासागर, द्वारिका, पटना साहब, अजमेर, श्रवण बेलगोला, कामाख्या देवी, रामदेवरी, पंढरपुर आदि शामिल हैं। वर्जन-मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत प्रदेश के बुजुर्ग आगे भी तीर्थों के दर्शन करेंगे। जल्द ही इस संबंध में आईआरसीटीसी से बात कर टे्रनें प्रारंभ कराई जाएंगी।पीसी शर्मा, कैबिनेट मंत्री जनसंपर्क, विधि विधायी एवं दर्मश्व एवं न्यास