अदालत ने सुनाई सजा
भोपाल. 70 लाख रूपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में मंत्रालय के सामान्य प्रशासन विभाग में पदस्थ रहे सहायक सत्कार अधिकारी त्योफिल तिग्गा को अदालत ने 4 साल के सश्रम कारावास- 3 लाख 50 हजार रूपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। भ्रष्टाचार के मामलों के लिए गठित विशेष न्यायालय के न्यायाधीश आलोक अवस्थी ने यह फैसला सुनाया है।
पूर्व में वर्ष 2015 में अदालत ने त्योफिल तिग्गा की संपत्ति राजसात करने के आदेश दिए थे। फैसले के बाद त्योफिल तिग्गा को जेल भेज दिया गया। ईओडब्ल्यू के वकील राजकुमार उईके ने बताया कि त्योफिल तिग्गा वर्ष 1998 से 2006 के दौरान मंत्रालय के सामान्य प्रशासन विभाग में सहायक सत्कार अधिकारी के पद पर पदस्थ थे।
तिग्गा ने 69 लाख 72 हजार से ज्यादा की आय से अधिक संपत्ति अर्जित की थी। विभाग में वर्ष 1977 में त्योफिल तिग्गा ने एलडीसी के रूप में नौकरी शुरू की थी। सेवा अवधि के दौरान त्योफिल तिग्गा को कुल 11 लाख रूपये की वैध आय प्राप्त हुई थी। तिग्गा ने स्वयं और परिजनों के नाम पर चल- अचल संपत्ति में निवेश कर रहा था।
सौतेले पिता को उम्रकैद
नाबालिग सौतेली बेटी से ज्यादती के मामले में मुकेश यादव को उम्रकैद- जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अपर सत्र न्यायाधीश वंदना जैन ने यह फैसला सुनाया है। मामला जहांगीराबाद थाने का है।
सरकारी वकील सीमा अहिरवार ने बताया कि मुकेश ने नवंबर 2017 में नाबालिग सौतेली बेटी से डरा धमकाकर ज्यादती की थी।इसके बाद बेटी की शिकायत पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया था। अदालत ने सभी पक्षों की सुनवाई के बाद मंगलवार को इसमें फैसला सुनाया है।