
Fali S. Nariman Moot Court Competition in Career College of Law (Patrika.com)
MP News: विधि का क्षेत्र चुनौतियों का है, ऐसे में छात्र खुद को पूर्ण विकसित करना होगा। इसके साथ ही आवश्यकता खुद को प्रतिदिन अपडेट करने की है क्योंकि किसी भी क्षेत्र में अल्प ज्ञान आखिर में आत्मघाती सिद्ध होता है। यह कहना है जबलपुर हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज जस्टिस जगदीश प्रसाद गुप्ता का। वह करियर कॉलेज ऑफ लॉ, भोपाल में द्वितीय फली एस. नरीमन नेशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2026 के शुभारंभ समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि विधि महाविद्यालयों को मूट कोर्ट जैसे आयोजन निरंतर करने चाहिये ताकि छात्रों को अदालती प्रक्रियाओं की जानकारी होती है।
विशिष्ट अतिथि जबलपुर हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज जस्टिस मोहम्मद फहीन अनवर ने कहा कि विधि के छात्रों को अद्यतन होना चाहिये ताकि अपने करियर के शीर्ष तक पहुंचें। जज बनने के लिए प्रैक्टिकल ज्ञान प्राप्त करें और उसके लिए अधिवक्ता के रूप में प्रैक्टिस भी काफी मददगार साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं विधि शिक्षा का महत्वपूर्ण अंग हैं, जो विद्यार्थियों को न्यायालयीन कार्यप्रणाली, विधिक अनुसंधान एवं प्रभावी अधिवक्ता कौशल का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को विधि व्यवसाय में नैतिकता, अनुशासन एवं संवैधानिक मूल्यों के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार दीक्षित ने प्रतियोगिता के बारे में जानकारी दी और बताया कि देशभर के प्रतिष्ठित विधि विश्वविद्यालयों एवं लॉ संस्थानों की 20 टीमों ने इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में सहभागिता दर्ज कराई है। प्रतियोगिता का उद्देश्य विधि विद्यार्थियों में न्यायिक सोच, विधिक अनुसंधान, तार्किक विश्लेषण एवं अधिवक्ता कौशल का विकास करना है। कार्यक्रम तीन दिन चलेगा। करियर ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस के ग्रुप डायरेक्टर प्रो. प्रदीप जैन ने स्वागत संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करती है। कॉलेज विधि शिक्षा में शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम का आयोजन भारत के महान विधिवेत्ता एवं संवैधानिक विशेषज्ञ फली एस नरीमन की स्मृति एवं प्रेरणा को समर्पित किया गया है। प्रतियोगिता में प्रारंभिक दौर, क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल एवं फाइनल राउंड आयोजित किए जाएंगे, जिनमें प्रतिभागियों का मूल्यांकन मेमोरियल ड्राफ्टिंग, विधिक ज्ञान, न्यायालयीन शिष्टाचार एवं मौखिक बहस के आधार पर किया जाएगा। कार्यक्रम में संकाय सदस्यों, विधि विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही।
Updated on:
07 May 2026 07:26 pm
Published on:
07 May 2026 07:17 pm
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