
Bhopal News :मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में साइबर पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद साइबर अपराधों पर लगाम लगने का नाम नहीं ले रही है। आलम ये है कि, ये शातिर जालसाज हर रोज अलग अलग पैतरों से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। हालही में शहर के अयोध्या नगर थाना क्षेत्र में ही ऑनलाइन ठगी के तीन मामले सामने आए हैं। यहां शातिर ठगों ने लोगों को अपने जाल में फंसाकर 3 लाख 28 हजार 935 रुपए की ठगी की वारजातों को अंजाम दिया है।
फिलहाल, साइबर सेल से ई-जीरो एफआइआर मिलने के बाद अयोध्या नगर पुलिस ने साइबर ठगी के तीनों मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, सामने आए मामले कुछ इस प्रकार हैं..।
थाना प्रभारी महेश लिल्हारे ने बताया कि, दुर्गेश विहार में रहने वाले अरविंदर कौर से 2.41 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी की गई है। शिकायत में बताया गया कि, जालसाज ने अज्ञात नंबर से कॉल किया और पहचान बताकर उन्हें विश्वास में लेकर धोखाधड़ी की है।
न्यू मिनाल रेसीडेंसी में रहने वाले राणा मोहिंदर प्रताप को ठगों ने उनके रिश्तेदार का नाम बताकर परिचित बनकर झांसे में लिया। फिर फर्जी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को असली बताकर भरोसे में लिया। इसके बाद जालसाज ने 98 हजार 935 रुपए ठग लिए। पुलिस ने ई-जीरो एफआइआर को बीएनएस में केस दर्ज किया है।
अशोका गार्डन में रहने वाले गितेश गणेश ने शिकायत में बताया कि, ठगों ने जांच एजेंसी का डर दिखाया। फिर केस में फंसाने की धमकी देकर उनसे 88 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए। अयोध्या नगर टीआई महेश लिल्हारे का कहना है कि, तीनों मामलों में पुलिस की जांच जारी है।
इधर, पिपलानी थाना क्षेत्र में स्थित एसबीआई की सोनागिरी शाखा में जालसाजी कर 15.65 लाख रुपए से अधिक की रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कराने के मामले में पुलिस और साइबर सेल की जांच तेज हो गई है। वारदात तीन दिन पहले हुई थी। मामले में पुलिस का कहना है कि, ठग गिरोह ने एआई से आवाज का मिलान कर बैंक अधिकारी को झांसे में लिया। वहीं, मामले में पुलिस का कहना है कि, ट्रांसफर की गई कुछ राशि को होल्ड करा दिया गया है, जबकि कुछ वापस भी आ गई है। शनिवार और रविवार को बैंक अवकाश होने के कारण अब सोमवार को बैंक कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, सोनागिरी शाखा की मुख्य प्रबंधक चंदना पुष्पा को एक जालसाज ने सौम्या व्हीकल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारी राजीव चौधरी के नाम से संपर्क किया। आरोपी ने कंपनी के खाते से दो अलग - अलग खातों में 15.65 लाख रुपए भुगतान कराने की बात कही। इसके बाद आरोपी ने ई-मेल के माध्यम से आरटीजीएस का अनुरोध भेजा।