25 सूत्रियों मांगों को सरकार के सामने रखते हुए राजधानी में भीम आर्मी ने सम्मेलन और शक्ति प्रदर्शन आयोजित किया गया है। आंदोलन के चलते शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए कई मार्ग बंद तो कई डायवर्ट किये गए हैं।
मध्य प्रदेश के लिए ये विधानसभा का चुनावी साल है। ऐसे में जैसे - जैसे चुनाव की तारीखें नजदीक आ रही हैं, वैसे वैसे कई संगठनों का आंदोलन और विरोध भी बढ़ना शुरु हो गया है। पिछले महीने राजधानी में करणी सेना द्वारा किये गए हल्ला बोल के बाद रविवार से भोपाल में भीम आर्मी ने आंदोलन शुरु किया है। आंदोलन की शुरुआत भले ही भोपाल से की गई है, लेकिन इसे प्रदेशभर में आरक्षण बचाओं आंदोलन के रूप में शुरु किया गया है। 25 सूत्रियों मांगों को एमपी सरकार के सामने रखते हुए राजधानी भोपाल में सम्मेलन और शक्ति प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। आपको बता दें कि, ये शक्ति प्रदर्शन आंदोलन आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर रावण के आह्वान पर किया गया है।
आपको बता दें कि, जनवरी के महीने में मध्य प्रदेश के ही मुरैना जिले में भीम आर्मी की ओर से आमसभा आयोजित की गई थी। इस आमसभा में आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर रावण भी शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होनें भाजपा सरकार पर दलितों का अपमान करने का आरोप लगाया था। साथ ही, मंच पर उन्होंने 12 फरवरी 2023 को राजधानी भोपाल में प्रदर्शन करने की अपील भी की थी।
प्रदर्शन के कारण कई रास्ते डायवर्ट
फिलहाल, आज भोपाल में शुरु हुए भीम आर्मी के शक्ति प्रदर्शन के चलते कई रास्तों को बंद किया गया है। साथ ही, कई मार्गों में को डायवर्ट भी किया गया है। राजगढ़ - ब्यवरा से आने वाले सभी वाहनों को मुबारकपुर जोड़, लांबाखेड़ा जोड़, पटेल नगर, भेल दशहरा मैदान से होते हुए जंबूरी मैदान पार्किंग एरिया में लाया जा रहा है। वहीं, सागर - रायसेन से आने वाले वाहनों को पटेल नगर चौराहे से होते हुए आनंद नगर, रत्नागिरी, जेके रोड, आईटीआई तिराहा, भेल दशहरा मैदान पार करके पार्किंग एरिया तक लाया जा रहा है। वहीं महात्मा गांधी चौराहे से कैरियर कॉलेज की तरफ जाने वाले वाहन भेल गेट नंबर 6 से गुलाब उद्यान तिराहा कस्तूरबा अस्पताल होते हुए आईएसबीटी चेतक ब्रिज होते हुए जा सकेंगे।
रखी जाएगी 25 सूत्रीय मांग
भीम आर्मी का ये आंदोलन सरकार से 25 सूत्रीय मांगों को लेकर किया जा रहा है। वो सरकार के सामने सभी वर्गों की जातिगत गणना करने की मांग रखेंगे। साथ ही, ओबीसी के 27 फीसदी आरक्षण की मांग भी शासन के सामने रखी जाएगी। आंदोलन के मांगों में पेसा एक्ट कानून भी शामिल है।