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CM के बार-बार निर्देश, फिर भी 90% कलेक्टरों ने गांव में नहीं बिताई रात

MP News: कई जिलों में तो लोगों ने कलेक्टरों को शहर के वार्डों और बस्तियों में भी कम ही देखा है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन की मौजूदगी न के बराबर है।

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CM Mohan Yadav

CM Mohan Yadav (Photo Source - Patrika)

MP News:मध्यप्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को गांवों तक पहुंचाने के लिए सरकार की मंशा और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। मुख्यमंत्री द्वारा बार-बार दिए गए निर्देशों के बावजूद अधिकांश कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी गांवों में रात्रि विश्राम से दूरी बनाए हुए हैं। स्थिति यह है कि करीब 9० प्रतिशत कलेक्टर अपने कार्यकाल में कभी गांव में रात बिताने नहीं पहुंचे। जो कुछ अधिकारी गांव गए भी, उनका दौरा कई बार औपचारिकता तक सीमित नजर आया। कुछ जिलों के अफसरों ने तो गांवों में वीडियो और फोटोग्राफी की औपचारिकताएं निभाईं।

प्रदेश के अधिकांश जिलों में अधिकारी मुख्यालय तक सीमित हैं। कई जिलों में तो लोगों ने कलेक्टरों को शहर के वार्डों और बस्तियों में भी कम ही देखा है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन की मौजूदगी न के बराबर है। जिला पंचायत और जनपद पंचायत के सीईओ, जिन पर गांवों के विकास की जि़म्मेदारी है, वे भी गांवों से दूरी बनाए हुए हैं। पुलिस महकमे के अफसरों में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने दिए थे निर्देश

ब्यूरोक्रेसी को जनता के बीच ले जाकर उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने के लिए सीएम ने अफसरों को गांवों में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद करने के निर्देश दिए थे। सीएस ने भी इन निर्देशों के पालन पर जोर दिया जाता रहा है।

जनसंवाद से लोगों को मिलते ये लाभ

-ग्रामीणों की समस्याओं की वास्तविक और प्रत्यक्ष समझ विकसित होगी

-मौके पर ही त्वरित समाधान संभव होगा

-सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति सामने आएगी

-स्थानीय अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ेगी

-ग्रामीणों को जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे

-भ्रष्टाचार और लापरवाही पर अंकुश लगेगा

-प्रशासन और जनता के बीच भरोसा मजबूत होगा

वो कलेक्टर जो जनता के बीच दिखे

नरेंद्र सूर्यवंशी, कलेक्टर रीवा

बैतूल से हालही में स्थानांतरित होकर रीवा पहुंचे सूर्यवंशी कार्य संभालने के साथ 13 अप्रेल को जवा के जतरी गांव पहुंचे। यहां लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।

विकास मिश्रा, कलेक्टरसीधी

अप्रेल के पहले व दूसरे सप्ताह में सिहावल, अमिलिया, कोदौरा, हटवा आदि गांवों में पहुंचे। कुछ जगह रात में चौपाल लगाई और जन समस्याएं सुनकर कार्रवाईयां कीं।

जयति सिंह, कलेक्टर बड़वानी

हाल में इन्होंने शासकीय जनजातीय कन्या आश्रम बघाड़ी में रात्रि विश्राम किया। छात्राओं से संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं और भोजन भी किया।

विवेक श्रोत्रिय, कलेक्टर टीकमगढ़

हाल के दिनों में जिले की टोरिया ग्राम पंचायत में रात्रि चौपाल लगाई, पंचायत भवन में ही रुके। विकास कार्यों की जानकारी ली व समस्याएं सनते हुए कार्रवाईयां कीं।

जमुना भिड़े, कलेक्टर निवाड़ी

जनसंवाद के लिए वे गांव नेगुवां पहुंची, रात्रि चौपाल में लोगों को सुना। पीडीएस, पानी, और पेंशन संबंधी शिकायतें मिलीं, जिनके समाधान के लिए निर्देश दिए।