
भोपाल. 7 अक्टूबर यानि गुरूवार से शारदीय नवरात्रि शुरू हो चुके हैं। देशभर के दुर्गा मंदिरो में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है. ऐसे में देश—विदेश में विख्यात मध्यप्रदेश के दुर्गा मंदिरों में भी भक्तों की कतार लग चुकी है. नवरात्रि में कई मंदिरों में प्रवेश और दर्शन की व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया है. प्रदेश के सबसे बड़े और विख्यात देवी मंदिर मैहर वाली माता व पीताबंरा माता मंदिर सहित सभी बड़े मंदिरों में भी भक्तों की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं बदली गई हैं.
मैहर के शारदा माता मंदिर में नवरात्रि के दौरान सबसे ज्यादा भक्त जाते हैं. इस विश्वविख्यात मंदिर में भक्त रात 10 बजे तक माता के दर्शन कर सकेंगे। माता के दर्शन भक्त बाहर लगी रेलिंग से ही कर सकेंगे। पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर में भक्त प्रसाद लेकर तो जा सकेंगे लेकिन यहां नारियल नहीं फोड़ सकेंगे। नवरात्रि में मंदिर में सुबह 3.45 बजे, दोपहर 1 बजे और देर शाम 7 बजे विशेष आरती होगी। भंडारे में एक साथ 300 लोग बैठ सकेंगे.
नवरात्रि पर पीतांबरा माता की 3 बार विशेष आरती की जाएगी जिसमें सभी भक्त शामिल हो सकेंगे। यहां सुबह 7 बजे, शाम 7 बजे और रात 9 बजे श्रृंगार आरती होगी। हालांकि मंदिर के गर्भगृह में भक्त प्रवेश नहीं कर सकेंगे। नवरात्रि के दौरान न केवल भक्तों को अपने मोबाइल, पर्स, बेल्ट आदि बाहर रखने होंगे बल्कि भक्तों को चार मेटल डिटेक्टर से भी गुजरना पड़ेगा। पीतांबरा मंदिर में भक्तों को सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक प्रवेश मिलेगा। खासबात यह है कि मंदिर के अंदर भक्त प्रसाद लेकर नहीं जा सकेंगे।
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सलकनपुर माता मंदिर में नवरात्रि के दौरान आनेवाले भक्त लगातार 21 घंटे तक दर्शन कर सकेंगे। यहां सिर्फ रात 12 से अलसुबह 3 बजे तक ही मंदिर के पट बंद रहेंगे। खास बात यह है कि भक्त 9 दिनों तक अलग-अलग रूपों में मां के दर्शन कर सकेंगे। हालांकि यहां पर इस बार कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मंदिर में मेडिकल टीम भी तैनात की गई है। सुबह 4 बजे दोपहर 12 बजे और शाम 7 बजे माता की विशेष आरती होगी। मंदिर में आनेवाले भक्त माता को प्रसाद चढ़ा सकेंगे।