भोपाल

खुलासाः सोनिया-राहुल का विमान रिपेयर्ड वॉल्व से उड़ा था, करनी पड़ी थी इमरजेंसी लैंडिंग

DGCA Report : रिपोर्ट के मुताबिक, विमान ने शाम 5:45 बजे बेंगलुरु से दिल्‍ली के लिए उड़ान भरी थी। शाम 6:27 बजे विमान 43,008 फीट की ऊंचाई पर था। पायलट को टर्बुलेंस का अहसास हुआ...।
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DGCA Report

DGCA Report :मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के राजाभोज एयरपोर्ट पर 18 जुलाई 2023 में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के विमान की इमरजेंसी लैंडिंग के मामले में अहम खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के दोनों नेताओं के विमान ने रिपेयर्ड इलेक्ट्रो न्यूमेटिक वॉल्व के साथ बेंगलुरु से भोपाल तक उड़ान भरी थी। करीब 1 घंटा 11 मिनट उड़ान के बाद केबिन का एयर प्रेशर कम होने लगा। इससे विमान के अंदर ऑक्सीजन तेजी से घटने लगी। इसके बाद सोनिया, राहुल और क्रू मेंबर्स को मास्क लगाना पड़ा था। एयर प्रेशर घटने के बाद करीब 45 मिनट तक विमान हवा में रहा।

जांच के बाद दिसंबर 2023 में रिपोर्ट डायरेक्टोरेट ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) को सौंप दी गई। हालांकि, अब इस मामले में खुलासा हुआ है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, विमान ने शाम 5:45 बजे बेंगलुरु से दिल्‍ली के लिए उड़ान भरी थी। शाम 6:27 बजे विमान 43,008 फीट की ऊंचाई पर था। पायलट को टर्बुलेंस का अहसास हुआ। एयर प्रेशर भी कम होने लगा। इसपर पायलट और को-पायलट ने तुरंत ही विमान की ऊंचाई कम करनी शुरु कर दी। विमान जब 36 हजार फीट की ऊंचाई पर था, तभी प्लेन के केबिन में मास्टर वार्निंग आना शुरू हो गई। जिस वक्त टर्बुलेंस महसूस हुआ, तब विमान के केबिन में कोई सेफ्टी अलर्ट नहीं आया था। पायलट ने इमरजेंसी अनाउंसमेंट किया। विमान को 43 हजार फीट की ऊंचाई से 10 हजार फीट की ऊंचाई पर लाया गया।

भोपाल एयरपोर्ट पर हुई थी इमरजेंसी लैंडिंग

पायलट ने पहले विमान की इमरजेंसी लैंडिंग के लिए नागपुर एयरपोर्ट पर एटीसी से अनुमति मांगी। हालांकि, उस दौरान नागपुर में मौसम खराब था। इसलिए विमान वहां लैंड नहीं किया जा सका। इसके बाद शाम 7:43 बजे भोपाल एयरपोर्ट में लैंडिंग की अनुमति मिलने के बाद उसे तत्काल ही भोपाल में इमरजैंसी लैंड किया गया।

Updated on:
18 Nov 2024 02:35 pm
Published on:
18 Nov 2024 02:34 pm