भोपाल

मध्य प्रदेश के 49 जिलों में आने-जाने के लिए जरूरी नहीं है ई-पास

भोपाल, इंदौर, उज्जैन को छोड़कर शेष जिलों में आवागमन के लिए ई-पास की आवश्यकता नहीं है
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Updated: 25 May 2020, 1:54 PM IST
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भोपाल. लॉकडाउन के चौथे चरण में मध्य प्रदेश के ग्रीन जोन वाले इलाकों में कई तरह की छूट के बाद अब शिवराज सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। अब एक ग्रीन जोन से दूसरे ग्रीन जोन वाले इलाकों में जाने के लिए किसी तरह के पास की जरूरत नहीं रहेगी। यानी एमपी में अब ग्रीन-टू-ग्रीन जोन पास फ्री रहेगा। इन सब के बीच मध्य प्रदेश के तीन जिले सरकार की टेंशन बढ़ा दी है।


दरअसल, राज्य सरकार ने प्रदेश के 49 जिलों में ई पास की सुविधा की आवश्यकता में ढील प्रदान करते हुए कई आवश्यक निर्देश दिए हैं। भोपाल, इंदौर और उज्जैन को छोड़कर अन्य 49 जिलों में ई पास की आवश्यकता नहीं होगी। इसके अलावे प्रदेश से जाने या अन्य राज्यों से मध्य प्रदेश आने वाले लोगों को लिए ई-पास की सुविधा पहले की तरह ही होगी।


राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के मुताबिक अब ग्रीन-टू-ग्रीन जोन में अपने खुद के वाहन से यात्रा की जा सकेगी। यही नहीं, ग्रीन-टू-ग्रीन जोन जाने के दौरान बीच में यदि रेड जोन भी आता है तो भी हाईवे में पास की आवश्यकता नहीं रहेगी। गृहमंत्री के मुताबिक यदि रेड जोन से ग्रीन जोन में या ग्रीन जोन से रेड जोन में आवागमन करना है तो उसके लिये प्रशासन द्वारा जारी किए जाने वाले ई-पास की आवश्यकता फिलहाल रहेगी और यहां बगैर पास के आवागमन पहले की ही तरह प्रतिबंधित रहेगा।


रेल एवं हवाई यात्रियों के लिए उनका टिकट ही ई-पास

इंदौर, भोपाल और उज्जैन के रेलवे स्टेशनों पर या फिर भोपाल और इंदौर के एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों के लिए उनका टिकट ही ई-पास के रूप में मान्य किया गया है। यदि वह किसी नजदीकी जिले के निवासी हैं और नजदीकी रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट इन तीनों जिलों में आता है तो वह अपना टिकट दिखा कर जिले से बाहर जा सकते हैं या फिर प्रवेश कर सकते हैं।

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