युवाओं की मदद से तैयार करेगा डिजिटल डायरेक्टरी, 43 सेवानिवृत्त और 30 से अधिक कर्मचारी है शामिल
भोपाल. बदलते वक्त के साथ समाज के बुजुर्ग भी नई तकनीक से जुड़कर एक दूसरे की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। मंत्रालय और विधानसभा के सेवानिवृत्त अधिकारी कर्मचारियों के ग्रुप के सदस्यों ने पारिवारिक जानकारी के लिए हाल ही में एक डायरेक्टरी तैयार की है। अब इस डायरेक्टरी को डिजिटल किया जाएगा। सूचनाओं के आदान प्रदान के साथ बुजुर्गों की देखभाल के लिए यह पहल की जा रही है।
टेलीफोन डायरेक्टरी का विमोचन, अब इसे डिजिटल बनाएंगे
ग्रुप के डायरेक्टरी के कोऑर्डीनेटर संतोष ठाकुर ने बताया कि इसके लिए एक डायरेक्टरी का प्रकाशन हाल ही में किया गया है। अब इसे डिजिटल स्वरूप में तैयार किया जा रहा है, और हर परिवार को इससे जोड़ा जा रहा है। इसमें 15 से 20 साल पहले सेवानिवृत्त अधिकारी कर्मचारियों के परिवार के साथ वर्तमान में कार्यरत परिवारों की जानकारी समाहित की गई है। इसमें बुजुर्गों के लिए क्या क्या योजनाएं है, सरकार की ओर से क्या सुविधा है, पेंशनरों के लिए कौन कौन सी सुविधा है। इस तरह की कई जानकारी प्रदान की जाएगी। साथ ही जरूरत पडऩे पर मदद भी उपलब्ध कराई जाएगी।
सूचना के अभाव में साथी के गर्मी में नहीं हो पाए थे शामिल
संघ के अशोक गुप्ता ने बताया कि 2015 में हमारे एक सेवानिवृत्त साथी की मृत्यु हो गई थी। नौकरी के दौरान सभी सरकारी आवासों में आस पड़ोस में रहते थे, लेकिन शिवाजी नगर, तुलसी नगर के मकान टूटने के बाद सभी अपने-अपने घरों में शिफ्ट हो गए थे। ऐसे में जब एक साथी की मृत्यु हुई तो सूचना के अभाव में सिर्फ दो साथी ही गमी में शामिल हो पाए थे। यह देखकर काफी अफसोस हुआ। उसके बाद हमने सभी साथियों का मिलकर ग्रुप बनाया। जिसके जरिए हम एक दूसरे के संपर्क में रहने के साथ एक दूसरे की मदद करते हैं।
ग्रुप में 43 बुजुर्ग और 30 से अधिक कर्मचारियों के परिवार
इस ग्रुप में वल्लभ भवन, विधानसभा से रिटायर्ड हुए 43 वरिष्ठजन और 30 से अधिक अधिकारी, कर्मचारी शामिल है। कठिन परिस्थतियों में सभी एक दूसरे के काम आए, इसके लिए यह ग्रुप बनाया गया है। इस ग्रुप में शामिल वरिष्ठजन सप्ताह में तीन दिन रविवार, मंगलवार और शुक्रवार को मेल मुलाकात करते हैं, इस दौरान अगर कोई साथी नहीं आता तो उसके बारे में जानकारी ली जाती है। अगर वह दिक्कत में है तो सभी मिलकर उसकी मदद करते हैं।