
Rajya Sabha Elections: एमपी की तीनों राज्यसभा सीटों पर भाजपा की जीत (फोटो सोर्स - PTI)
BJP Wins All Three Rajya Sabha seats: मध्य प्रदेश राराज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Elections) को लेकर इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्यसभा की तीनों सीटों पर भाजपा ने कब्जा कर लिया है। भाजपा के तीनों प्रत्याशियों- तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को भोपाल में जीत का प्रमाणपत्र दिया गया। भाजपा के तीनों प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए। भाजपा के तीनों प्रत्याशी राज्यसभा पहुंचे। निर्वाचन अधिकारी अरविंद शर्मा ने तीनों प्रत्याशियों को प्रमाणपत्र सौंपा। भोपाल सांसद अलोक शर्मा उनके साथ मौजूद रहे। निर्वाचन अधिकारी के द्वारा प्रमाणपत्र सौंपे जाने के बाद राज्यसभा चुनाव की निर्वाचन प्रक्रिया तीनों सीट से समाप्त मानी जाएगी। बता दें कि,गुरुवार को नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख थी और तीन राज्यसभा सीटों के लिए तीन ही उम्मीदवार बचे थे। ऐसे में भाजपा सभी प्रत्याशी निर्विरोध जीत गए।
मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। गुरूवार सुबह जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एएस चंदरुकर की बेंच के समक्ष मामले को सूचीबद्ध किया गया। मीनाक्षी नटराजन की तरफ से वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी कोर्ट ने आज मध्य प्रदेश राज्यसभा की तीन सीटों पर आने वाले परिणामों पर स्टे की मांग की जिसे कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि- कोर्ट चुनाव प्रक्रिया में दखल नहीं देगा। इस मांग का खारिज होना मीनाक्षी नटराजन और कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है। सुप्रीम कोर्ट ने 12 जून यानी कल सुनवाई की तारीख तय की है।
बता दें कि, भोपाल में निर्वाचन अधिकारी द्वारा मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद कांग्रेस के हाई लेवल डेलीगेशन ने बुधवार को चुनाव आयोग से मुलाकात कर इसकी शिकायत की थी। इस शिकायत पर चुनाव आयोग का आधिकारिक बयान अब तक सामने नहीं आया है।
वकील अभिषेक सिंघवी ने कोर्ट में मामले का जिक्र करते हुए इसे जरूरी मामला बताया। उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया कि या तो इस मामले को जल्द सूचीबद्ध किया जाने या आज घोषित होने वाले परिणामों पर एक लाइन का अंतरिम आदेश पारित कर उस पर स्टे लगाने की मांग की। इस पर जस्टिस मिश्रा ने कहा कि चुनाव के मामलों में कोर्ट दखल नहीं दे सकता है। इस पर सिंघवी ने तर्क दिया कि बड़ी गलतियों वाले केस में न्यायालय दखल दे सकता है। हालांकि, महेश केवट और चुनाव आयोग के वकीलों ने इस पर आपत्ति जताई। कोर्ट ने 12 जून को सुनवाई के लिए मामले को सूचीबद्ध कर दिया है।
Updated on:
11 Jun 2026 05:02 pm
Published on:
11 Jun 2026 03:35 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
