दिल्ली से आए युवा नेता ने मुख्यमंत्री को दी चुनौती, बुदनी से लड़ेगा चुनाव
भोपाल। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के दौरे से पहले उन्हीं के एक प्रत्याशी ने उन्हें झटका दे दिया। यह प्रत्याशी अर्जुन आर्य थे, जो किसान आंदोलन के बाद से सुर्खियों में आए थे। मध्यप्रदेश की सबसे हाईप्रोफाइल बुदनी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए सपा ने आर्य को टिकट दिया था। आर्य ने यह टिकट 24 घंटे में ही अखिलेश यादव को लौटा दिया। आर्य ने सपा को टिकट ऐसे समय में लौटाया है जब राष्ट्रीय
मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को 230 सीटों के लिए चुनाव होना है। इससे पहले टिकट वितरण का दौर शुरू हो गया है। आम आदमी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने अपने कई प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। इसके बाद समाजवादी पार्टी ने भी अपने प्रत्याशियों की सूची जारी की है।
सबसे हाईप्रोफाइल सीट है बुदनी
यह सीट मध्यप्रदेश की सबसे हाईप्रोफाइल सीटों में से एक है। क्योंकि यहां से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चुनाव लड़ते हैं और वे लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं। समाजवादी पार्टी की तरफ टिकट मिलने के 24 घंटे में ही अर्जुन आर्य ने यह टिकट लौटा दिया है। उन्हें बुदनी सीट से लड़ने के लिए टिकट दिया गया था।
किसान आंदोलन के दौरान जेल गए थे अर्जुन
अर्जुन आर्य मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर में छिड़े किसान आंदोलन में के दौरान जेल गए थे। कुछ दिन बाद उन्हें जमानत मिल गई थी।
VIDEO जारी कर कांग्रेस से मांगा टिकट
अर्जुन आर्य ने एक वीडियो जारी कर समाजवादी पार्टी को टिकट वापस करने का कारण बताया है, साथ ही कांग्रेस से भी टिकट मांगा है। अर्जुन ने अपने वीडियो में कहा कि मैं कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से कहना चाहता हूं कि अर्जुन आर्य पर भरोसा करें। मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश के किसी भी कोने से चुनाव लड़ें और कांग्रेस यदि टिकट देती है तो वे शिवराज सरकार को समाप्त करने के बाद ही दम लेंगे।
सपा ने 6 सीटों के प्रत्याशी घोषित किए
शनिवार को समाजवादी पार्टी ने 6 सीटों पर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की थी। इसमें से एक सीट बुदनी पर अर्जुन आर्य को टिकट दिया गया था।
अखिलेश दे चुके हैं कांग्रेस को झटका
इससे पहले अखिलेश यादव भी मध्यप्रदेश में कांग्रेस के साथ गठबंधन करने की संभावनाओं को खत्म कर चुके हैं। यादव ने संकेत दिए थे कि वे मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में बसपा के साथ गठबंधन करेंगे।
माया ने छोड़ा साथ
इससे तीन दिन पहले बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने भी साफ कर दिया था कि वो कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करेगी और अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। मायावती ने इस गठबंधन के नहीं होने के पीछे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को जिम्मेदार बताते हुए कहा था कि ऐसे लोग नहीं चाहते कि गठबंधन हो।