
राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा (कक्काजी) ने कहा है कि सी2 प्लस 50 प्रतिशत फॉर्मूले के अनुसार फसलों की एमएसपी पर खरीदी का गारंटी कानून बनाया जाए। देश के सभी किसानों का कर्ज माफ किया जाए। खेती के लिए पर्याप्त बिजली मिले, बिजली का निजीकरण बंद हो।
कक्काजी ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि जो सरकार जिस अनुपात में हमारा सहयोग करेगी, उस अनुपात में हम उस सरकार का सहयोग करेंगे। जो हमारा दमन, शोषण करेगी उस सरकर का हम बहिष्कार करेंगे। किसान हितैषी होने का दावा करने वाली यह सरकार वास्तव में कॉर्पोरेट की दोस्त है।
यह हैं मांगें
उन्होंने मंदसौर, बरेली गोली काण्ड का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों पर सरकार ने गोली चलवाई, किसान शहीद हुए, लेकिन जांच रिपोर्ट आज तक नहीं आई। किसान आंदोलन और इसे खत्म करवाने के लिए सरकार के दमन का भी उन्होंने जिक्र किया। कहा कि इस सरकार की किसान हितैषी होने की नौटंकी का पर्दाफाश हो चुका है। तय हो चुका है कि डबल इंजन की सरकार किसान, मजदूर विरोधी है तथा कंपनियोंं की सरकार है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मांग पत्र का भी विमोचन किया।
किसानों पर थोपे गए कानून वापस हों
मांगों का जिक्र करते हुए कक्काजी ने कहा कि जिन भाजपा शासित राज्यों में 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून में बदलाव कर नए कॉर्पोरेट हितैषी नियम किसानों पर थोपे गए हैं, वे नियम वापस लिए जाएं। पुन: भूमि अधिग्रहण के समय किसानों की 70त्न लिखित सहमति व कलेक्टर रेट से 4 गुना मुआवजा के प्रावधान लागू किए जाएं। सभी मुक्त व्यापार समझौते रद्द किए जाएं। आगे इनके हस्ताक्षर पर रोक लगाई जाए, भारत सरकार डब्ल्यूटीओ से बाहर आने पर फैसला ले। 2020-21 के किसान आंदोलन की लंबित मांगें पूरी की जाएं।
साध लेती है चुप्पी...
सरकार के निर्णय उद्योगपतियों को ध्यान में रखकर किए जा रहे हैं। उद्योगपतियों का कर्ज माफ कर दिया जाता है, लेकिन किसानों के मामले में सरकार चुप्पी साध लेती है।