दो पेज के लेटर में मुख्यमंत्री कमलनाथ से किसानों को परेशान करने वाले कर्मचारी-अधिकारियों को सजा देने की मांग, एक लाख का बिजली बिल भेजा, किसान ने कार्यालय के सामने खाया जहर
भोपाल. बिजली कर्मचारियों के दुव्र्यहार से दु:खी किसान ने बैरागढ़ बिजली कार्यालय के बाहर जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया।
किसान को गंभीर हालत में सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सुसाइड नोट में उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ से मांग की है कि किसानों को परेशान करने वाले कर्मचारियों-अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, जिससे किसान आत्महत्या नहीं करें।
जानकारी के मुताबिक, बेहटागांव निवासी किसान अवध नारायण सिसोदिया ने किराए की जमीन पर 42 माह पहले पांच हॉर्स पॉवर की मोटर चलाने बिजली कनेक्शन लिया था। जिसका एवरेज बिल दो हजार प्रतिमाह जमा कर रहा था। फसल खराब होने की वजह से वह बिजली बिल का भुगतान नहीं कर सके। ऐसे में बिजली विभाग ने कनेक्शन काट दिया।
शनिवार दोपहर लगभग एक बजे एफ-वार्ड स्थिल बिजली कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया गया। इससे दु:खी होकर उन्होंने कार्यालय से बाहर आकर जहर खा लिया। आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए सिविल अस्पताल भर्ती कराया गया। हालत ज्यादा खराब होने की वजह से बाद में उन्हें हमीदिया अस्पताल रैफर कर दिया गया।
किसान के पास मिला दो पेज का लेटर
किसान अवध नारायण सिसोदिया के पास से 2 पेज का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा है कि हर छह माह में बिल जमा करता हूं, पिछले साल 25 दिसम्बर को मीटर की रीडिंग 5742 थी, जो कि 26 जनवरी 2019 को 43372 यूनिट कर दी गई। बिजली विभाग द्वारा की गई इस गलती से उन्हें एक महीने का बिजली बिल एक लाख रुपए से अधिक आया है। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रताडि़त करने का आरोप भी लगाया है।
किसान का बिजली बिल 60 से 65 हजार रुपए आया है। हमने किस्तों में इसे जमा करने के लिए कहा था। पहली किस्त अभी जमा कर देता तो कनेक्शन जोड़ देते। लेकिन उसने बात नहीं मानी और जहर खा लिया।
अनिल वर्मा, एई, मप्रविविकं
अवध नारायण का बिजली बिल अधिक होने से उन्होंने यह कदम उठाया। वह चाहते थे कि बिल कम हो, लेकिन नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने आत्महत्या का प्रयास किया। जांच की जा रही है।
अजय मिश्रा, टीआई, संत हिरदाराम नगर