-1 बैंक खाते पर एक ही फास्टैग चलेगा, 31 से पहले करवा लें केवायसी-सत्यापन न कराने पर फास्टैग हो जाएगा ब्लॉक....
भोपाल। मध्य प्रदेश सहित सभी राज्यों के टोल प्लाजा पर 1 फरवरी से केवायसी अपडेट फास्टैग ही स्वीकार किए जाएंगे। जिन फास्टैग का बैंक खाता नंबर, आधार कार्ड और वाहन नंबर अपडेट नहीं होगा वह ब्लॉक होंगे। परिवहन विभाग एवं नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने बैंक प्रबंधन से 31 जनवरी से पहले केवाईसी अपडेट करने का आग्रह किया था। पूर्व में जारी होने वाले फास्टैग नंबर आधार कार्ड एवं वाहन नंबर से अटैच नहीं किए गए थे।
यह केवल बैंक खाता नंबर के आधार पर संचालित हो रहे थे जिन्हें टोल पर स्कैन कर खाते से राशि काटी जाती थी, परची पर वाहन नंबर मेन्यूअल दर्ज होता था। एक ही कार्ड का इस्तेमाल अनेक वाहनों के लिए करने के दौरान विवाद की स्थिति बन रही थी एवं आपराधिक मामलों में टोल प्लाजा क्रॉस करने वाले वाहन एवं चालक की पहचान भी मुश्किल हो रही थी।
राजधानी में 5 लाख से ज्यादा कार्ड सक्रिय
भोपाल जिले में 18 लाख 50 हज़ार वाहन रजिस्टर्ड हैं जिनमें से चार पहिया पैसेंजर वाहनों की संख्या लगभग 7 लाख है। शहर में लगभग 5 लाख फास्टैग सक्रिय हैं जबकि अन्य जिलों एवं राज्यों के वाहनों की संख्या मिलकर लगभग 15 लाख फास्टैग भोपाल संभाग में इस समय इस्तेमाल किए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश में लगभग हर सातवें बैंक खाते से एक फास्टैग कार्ड एक्टिवेट किया हुआ है जिनकी संख्या लाखों में है।
ये होगी गाइडलाइन
● ब्लॉक होने की सूरत में अपने बैंक की मुख्य शाखा से करवा सकेंगे रिएक्टिवेट
● बैंक खाता नंबर, आधार कार्ड और वाहन नंबर के साथ जारी हो रहे नए कार्ड
● एक वाहन के लिए एक कार्ड ही सक्रिय रहेगा।
● कार्ड खराब होने पर ही आप अपने संबंधित जारीकर्ता बैंक से स्टिकर बदलने के लिए अनुरोध कर सकते हैं।
● कार्ड रिचार्ज करने के लिए अब मोबाइल वॉलेट ऐप का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
● आप एक फास्टैग खाते से दूसरे फास्टैग खाते में राशि ट्रांसफर नहीं कर सकते।
● कार्ड ब्लॉक होने पर शेष राशि लेप्स हो जाएगी।
1 मिनट की केवायसी प्रक्रिया
पहले से जारी फास्टैग को केवाईसी अपडेट करने के लिए आप अपने बैंकिंग एंड्रॉयड एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर सकते हैं। कार्ड को स्कैन करने के बाद इस पर अपना आधार कार्ड बैंक खाता नंबर सहित वाहन नंबर दर्ज करते ही बैंक द्वारा आपके फास्टैग को केवाईसी अपडेट कर दिया जाएगा। 1 फरवरी के बाद ब्लॉक होने की स्थिति में भी आप अपने एंड्रॉयड एप्लिकेशन के जरिए इसे दोबारा एक्टिवेट करवा सकते हैं।
केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार फास्टैग का सत्यापन कराना होगा। इससे यात्री सुरक्षा एवं टोल प्लाजा पर समय की बचत होगी।- अरविंद सक्सेना, अपर आयुक्त