
भोपाल। प्रदेश के 8 निकायों के परिसीमन की फाइल राजभवन में अटकी है। राज्य सरकार ने डेढ़ माह पहले प्रदेश के इंदौर, नरसिंहपुर, गंजबासौदा, करेली, गोटेगांव, जयसिंहनगर, कुरावर, पचौर निकायों की परीसीमन की प्रक्रियापूरी कर फाइल राजभवन को भेजी थी लेकिन अभी तक राजभवन की ओर से हरीझंडी नहीं मिली है। यदि समय रहते राज्यपाल की मंजूरी नहीं मिली तो यहां पुराने परिसीमन पर ही निकाय चुनाव कराना होंगे।
राज्य में अगले साल निकाय चुनाव प्रस्तावित हैं, इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार चुनाव तैयारी में जुटी है। निकायों का परिसीमन भी हो रहा है। क्योंकि आबादी बढने के कारण वार्डों की संख्या भी बढ़ेगी। शहरी क्षेत्र का विस्तार होने से सीमावृद्धि भी हुई है। इसी को मद्देनजर परिसीमन किया जा रहा है। राज्य सरकार ने 8 निकायों की परिसीमन की कार्यवाही पूरी कर राजभवन को मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा था।
राज्य सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने का इंतजार कर रही है। राज्य सरकार का प्लान था कि 30 अक्टूबर तक यहां की सीमावृद्धि हो जाती तो बाद वार्ड आरक्षण इत्यादि की कार्यवाही शुरू होती, लेकिन राज्यपाल से मंजूरी नहीं मिलने के कारण यह काम अटका है। यदि 15 दिन और मंजूरी नहीं मिलती तो पुराने परिसीमन ही चुनाव कराए जाने की मजबूरी होगी।
भोपाल का प्रस्ताव सरकार के पास -
भोपाल नगर निगम को दो भागों में बांटकर दो नगर निगम बनाए जाने की भी तैयारी चल रही है। कलेक्टर ने सुझाव और आपत्तियां बुलाकर अपने स्तर पर कार्यवाही पूरी कर प्रस्ताव राज्य सरकार के पास भेज दिया है। पिछले 15 दिन से सरकार आपत्ति-सुझावों का परीक्षण कर रही थी। अब मुख्यमंत्री के दुबई से लौटने का इंतजार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद इसे भी राजभवन भेजा जाएगा।