भोपाल

सालों से वापस नहीं किए वन विभाग के कर्मचारी, अब आप खुद ही रखें, वहीं से वेतन दें

- वन विभाग के 20 कर्मचारियों को भारमुक्त नहीं करने पर डीएफओ ने कलेक्टर को लिखा कड़ा पत्र  
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Sep 26, 2021
सालों से वापस नहीं किए वन विभाग के कर्मचारी, अब आप खुद ही रखें, वहीं से वेतन दें
सालों से वापस नहीं किए वन विभाग के कर्मचारी, अब आप खुद ही रखें, वहीं से वेतन दें

प्रवीण मालवीय.
भोपाल. हमारे 20 कर्मचारी सालों से जिला प्रशासन के पास संलग्न है। कई बार उन्हें भारमुक्त करने की अपील की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए अब इन कर्मचारियों की सेवाएं पूरी तरह प्रशासन को ही सौंप रहे हैं। हम अगले महीने से इनका वेतन नहीं दे सकेंगे। इनके यूनिक एम्पलाई कोड आपको भेज रहे हैं। यह लाइनें उस पत्र का हिस्सा है जो भोपाल डीएफओ आलोक पाठक ने कलेक्टर भोपाल को लिखा है। इस कड़े पत्र के बाद उम्मीद है कि वन विभाग को आखिर में उनके कर्मचारी वापस मिल ही जाएंगे।

यह है पत्र का मजमून

डीएफओ की ओर से 20 सितम्बर को लिखे गए पत्र क्रमांक 5867 में उल्लेखित है कि, 20 कर्मचारी कई वर्षों से भोपाल जिले के अंतर्गत बीएलओ कार्य के पूर्णकालिक रूप से संलग्न है। उक्त कर्मचारियों द्वारा कोई विभगीय कार्य न किए जाने एवं वनों एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा सहित अन्य वानिकी कार्य प्रभावित होने के कारण उक्त कर्मचारियों को कार्यालय द्वारा पूर्व में कई बार भारमुक्त करने हेतु लेख किया गया था। परंतु आज दिनांक तक उक्त कर्मचारियों को भारमुक्त नहीं किया गया है।
अत: आपके कार्यालय के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए उक्त कर्मचारियों की सेवाएं पूर्ण रूप से आपको सौंपी जाती है। इस माह से इन कर्मचारियों का वेतन इस कार्यालय से आहरित नहीं किया जाएगा। इनके वेतन का भुगतान आपके कार्यालय से करने का कष्ट करें। कर्मचारियों के वेतन भुगतान हेतु इम्पलाईज कोड स्थानांतारण के लिए आपके कार्यालय के डीडीओ कोड से अवगत कराएं ताकि यूनिक इम्लाईज कोड एवं अंतिम वेतन प्रमाण पत्र आकपे कार्यालय में प्रेषित किए जा रहे हैं।

वर्जन

वन विभाग के कर्मचारियों कई वर्षों से प्रशासन में संलग्न होने से वनकार्य प्रभावित हो रहे हैं, इन कर्मचारियों को भारमुक्त करने के सम्बंध में कई बार पत्र लिखा गया लेकिन कर्मचारियों की सेवाएं वापस नहीं मिली। इसलिए आखिर में इन कर्मचारियों की सेवाएं को पूर्ण रूप से प्रशासन को सौंपने का निर्णय लिया है।
आलोक पाठक, डीएफओ, भोपाल

Published on:
26 Sept 2021 12:03 am