
राज्य सरकार का खजाना धीरे-धीरे भर रहा है। विभिन्न स्तर पर टैक्स वसूली सहित आय के अन्य साधनों से राजस्व में इजाफा हो रहा है। 2023—24 के दिसंबर में 3304 करोड़ रुपए राजस्व के रूप में प्राप्त हुए जोकि बीते वित्त वर्ष 2022—23 के दिसंबर की तुलना में 11 प्रतिशत ज्यादा है। 2022—23 समाप्त होने में अभी तीन माह हैं, ऐसे में राजस्व और बढऩे की संभावना है। खजाना भरने से गदगद सरकार कर्मचारियों के वेतन, मानदेय और विकास के लिए राशि जारी करने लगी है।
निकायों को मिले 426.74 करोड़
नगरीय निकायों की खराब माली हालत सुधारने और कर्मचारियों को वेतन आदि देने के लिए सरकार ने अब खजाना खोला है। कर्मचारियों के वेतन-भत्ते एवं मानदेय के लिए 226.74 करोड़ जारी किए हैं। इसके साथ ही सड़क सुधार के लिए भी 200 करोड़ रुपए दिए गए हैं।
दरअसल चुंगी क्षतिपूर्ति राशि न मिलने से प्रदेशभर के नगर निकायों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। इसका असर काम-काज पर तो पड़ा ही कर्मचारियों के सामने वेतन का भी संकट खड़ा हो गया था।
आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए नगर निकायों ने खर्चों में कटौती करने के साथ ही सरकार से लगातार आग्रह किया, लेकिन असर नहीं पड़ा। बार-बार आग्रह के बाद आखिरकार सरकार ने 226 करोड़ 74 लाख रुपए की राशि निकायों को ट्रांसफर की। यह राशि 418 नगरीय निकायों को दी गई जोकि वेतन मानदेय आदि देने में खर्च की जाएगी।
इसके साथ ही निकायों की सड़कों के सुधार के लिए भी राशि दी मंजूर की गई है। आयुक्त नगरीय विकास भरत यादव ने निकायों से सड़कों के रख-रखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा है।