- कमेटी ने जांच कर संस्थापक सदस्यों को देने के निर्देश दिए थे, लेकिन मामला एफआईआर तक अटका, पीडि़त अभी तक परेशान
भोपाल. गौरव गृह निर्माण सोसायटी में संस्थापक सदस्यों को प्लॉट आवंटन मामले में वर्ष 2019 को गठित की गई जांच कमेटी रिपोर्ट दे चुकी है। जिसमें पूर्व सोसायटी अध्यक्ष अनीता विष्ट की तरफ से आवंटित किए गए 16 भूखंडों का आवंटन निरस्त कर उनका पंजीकरण निरस्त कराने के बाद प्लॉट पूर्व सदस्यों को आवंटित करने थे। लेकिन अभी तक इसमें एक भी प्लॉट का आवंटन निरस्त नहीं हुआ। इसी सोसायटी में वर्तमान सहकारिता उपायुक्त बबलू सातनकर की पत्नी सुनीता सातनकर के नाम भी एक प्लॉट है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ये तो एक प्लॉट है। ऐसे न जाने और कितने प्लॉट सहकारिता अफसरों को उपकृत करने के लिए दिए गए हैं। इस कारण 16 प्लॉटों का आवंटन निरस्त नहीं हो पा रहा। इसकी जांच होना भी अब जरूरी हो गया है, मगर यहां तो पूर्व जांच कमेटी के आदेशों को ही कोई मानने को तैयार नहीं है। इस मामले में सहकारिता कार्यालय स्तर तक शिकायत के बाद कुछ नहीं हुआ तो शुक्रवार को एक शिकायत विवेक दीक्षित ने सहकारिता विभाग के अपर मुख्य सचिव के यहां की है।
बावडिय़ाकला स्थित गौरव हाउसिंग सोसायटी में लंबे समय से प्लॉट का इंतजार कर रहे लोगों को कई वर्षों बाद एक आस जागी थी, लेकिन प्लॉटों का पंजीकरण निरस्त न होने से उम्मीद टूट गई। इस सोसायटी में प्लॉट के इंतजार में 44 में से 18 पूर्व सदस्यों की मौत हो चुकी है। 26 लोग प्लॉट के इंतजार में अब तक भटक रहे हैं। इनके पास सिर्फ शाहपुरा थाने में हुई एफआआर की एक प्रति है, प्लॉट आवंटन किसी को नहीं हुआ। इस मामले में तत्कालीन सहकारिता उपायुक्त विनोद सिंह पर भी एफआईआर कराने के बाद पल्ला झाडऩे के आरोप लगे हैं।
पूरी चेन बनाए बैठे हैं आरोपी
दरअसल मंदाकिनी, गौरव, गुलाबी, महाकाली, हेमा, लाला लाजपत राय एवं न्यू मित्रमंडल सोसायटी में कोई डेढ़ दर्जन लोग हैं जो किसी सोसायटी में अध्यक्ष तो किसी में सदस्य हैं। इन्हीं में से आधा दर्जन लोगों के खिलाफ थाना शाहपुरा में एफआईआर दर्ज है। इन सोसायटियों में करोड़ों के घोटाले हुए हैं, लेकिन जिस-जिस ने जांच की उसी ने अपना उल्लू सीधाकर लिया। इधर जांच और निष्कर्ष के बाद अधिकारी कभी एफआईआर तो कभी प्लॉट आवंटन निरस्त कराने के लिए निर्देश देते रहे, लेकिन किसी का कुछ नहीं हुआ। इसमें दिनेश त्रिवेदी की भूमिका काफी अहम है।
नोटिस के जवाब में सोमवारकार्रवाई
सोसायटियों में हुई गड़बड़ी और सहकारिता उपायुक्त बबलू सातनकर की पत्नी सुनीता सातनकर के प्लॉट आवंटन मामले में साशन स्तर पर जांच चल रही है। आयुक्त ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सूत्रों की मानें तो प्लॉट के मामले में बबलू सातनकर और विधानसभा के सवाल की जानकारी छिपाने के मामले में विभाग के ही अशोक शर्मा पर गाज गिर सकती है।
वर्जन
सहकारिता उपायुक्त बबलू सातनकर के संबंध में जांच चल रही है। जल्द ही इस संबंध में कोई ठोस जानकारी सामने आएगी। कुछ दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।
नरेश कुमार पाल, आयुक्त, सहकारिता विभाग