भोपाल

हल्ला बोल: ओबीसी महासभा ने मांगा 27 प्रतिशत आरक्षण

सीएम हाउस का घेराव करने जा रहे थे प्रदर्शनकारी, रोका तो पुलिस से झूमाझटकी, करना पड़ा हल्का बल प्रयोग

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Jul 29, 2021
हल्ला बोल: ओबीसी महासभा ने मांगा 27 प्रतिशत आरक्षण

भोपाल. प्रदेश की सरकारी नौकरियों और शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं में पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ देने की मांग को लेकर बुधवार को कार्यकर्ताओं ने ओबीसी महासभा के बैनतरतले प्रदर्शन किया। तय कार्यक्रम के अनुसार लोग घेराव करने सीएम हाउस की ओर बढ़े तो पुलिसने उन्हें अंबेडकर पार्क के पास रोक लिया। कई प्रदर्शनकारी रास्तों पर लगे बैरिकेड्स हटाकर जाने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरानपुलिस जवानों और कार्यकर्ताओं के बीच तनातनी के हालात भी बने। इसके बाद कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया।

अध्यादेश पारित करे सरकार
महासभा के राष्ट्रीय सचिव दिनेश कुमार ने बताया कि प्रदेश में लगभग 50 प्रतिशत आबादी अन्य पिछड़ा वर्ग की है, लेकिन आरक्षण का लाभ नहीं देकर अधिकारों का हनन किया जा रहा है। नीट प्रवेश परीक्षा में केंद्र द्वारा भरी जाने वाली राज्य कोटे की सीट में आरक्षण नहीं दिया जा रहा। हमारी मांग है कि सरकार विधानसभा सत्र में अध्यादेश पारित कर 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करे।

एंबुलेंस का सहारा
आंदोलनकारियों को पुलिस ने अंबेडकर पार्क के पास रोक दिया तो वे रास्ता बंद कर बैठ गए। हटाने के लिए पुलिस ने बार-बार खाली एंबुलेंस को निकालना शुरू कर दिया। खींचतान के चलते पुलिस और कार्यकर्ताओं में जमकर झड़प के हालात बने। इसके बाद आंदोलनकारियों को पुलिस वाहन में बैठाकर हटा दिया गया। ओबीसी महासभा के 200 कार्यकर्ताओं पर धारा 144,188 के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है। वहीं महासभा के कोर कमेटी के सदस्य धर्मेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि हम लोग सीएम हाउस ज्ञापन देने के लिए जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने बल प्रयोग कर दिया। इसमें रायसिंह, विश्वजीत, पिंकी कुशवाहा आदि घायल हुए हैं।

शिवराज सरकार की कमजोर पैरवी से लागू नहीं हो पाया : कमलनाथ
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि हमारी सरकार ने ओबीसी वर्ग के हित के लिए उनके आरक्षण को 14 से बढ़ाकर 27त्न करने का निर्णय लिया था। शिवराज सरकार में इच्छाशक्ति के अभाव, कमजोर पैरवी व ठीक ढंग से पक्ष नहीं रखने के कारण यह आज तक लागू नहीं हो पाया है। कांग्रेस ओबीसी महासभा के आंदोलन का समर्थन करती है। इस मांग को लेकर ओबीसी वर्ग के आंदोलन में शामिल लोगों पर किए गए बल प्रयोग, दमन व गिरफ्तारी की नाथ ने निंदा की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि सरकार यदि इस वर्ग के साथ न्याय नहीं कर सकती है तो कम से कम दमन नहीं करे। वहीं पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा कि ओबीसी वर्ग से जुड़े मामलों को लेकर सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। आरक्षण के मामले में न्यायिक लड़ाई कांग्रेस लड़ रही है।

Published on:
29 Jul 2021 01:45 am
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