Heavy Rain in Bhopal : बीते 60 घंटों से जारी बारिश से शहर जलमग्न है। कई कालोनियों में लोगों के घरों और दुकानों में पानी घुस गया। जलजमाव देख लग रहा है मानो शहर 'बड़ा तालाब' बन गया है।
Heavy Rain in Bhopal :मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बीते 60 घंटों से लगातार हो रही बारिश की वजह से पूरा शहर जलमग्न है। सड़कों, गलियों में पानी भरा है। कई कालोनियों में लोगों के घरों और दुकानों में पानी घुस गया। जगह-जगह जलजमाव से ऐसे लगता है मानो पूरा शहर ही 'बड़ा तालाब' में तब्दील हो गया है। अनवरत बारिश से जनजीवन प्रभावित है।
ग्रीन पार्क-जानकी सोसायटी में 2-3 फीट पानी भरा है। करीब एक दर्जन कॉलोनियों में जलभराव की शिकायतें आई हैं। शहर में अबतक 5 इंच बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग का कहना है कि, अभी बारिश का क्रम जारी रहेगा। इसी के चलते जिला प्रशासन ने आज यहां सभी स्कूलों की छुट्टी घोषित की है।
मौसम विभाग की फोरकॉस्ट इंचार्ज डॉ. दिव्या सुरेंद्रन ने बताया कि, मध्य प्रदेश के ऊपर से ट्रफ लाइन जा रही है। साथ ही एक लो प्रेशर एरिया बना है। इससे सेंट्रल और नार्थ वेस्ट रीजन में बारिश हो रही है। बुधवार को भी पूरे दिन जिलेभर में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। 31 जुलाई से सिस्टम थोड़ा कमजोर होगा।
नादरा बस स्टैंड, भोपाल रेलवे स्टेशन पर पानी में डूबा है। जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लो लोर बसें भी डिपो में खड़ी रहीं। एयरपोर्ट पर क्लीयर विजिबिलिटी नहीं होने से एयर इंडिया की एक उड़ान को इंदौर डायवर्ट करना पड़ा। सुबह आने वाली बाकी तीन उड़ानें दो घंटे तक लेट रहीं। पठानकोट, झेलम, ग्वालियर इंटरसिटी जैसी ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं। रेलवे की पटरियों पर पानी भरने से भोपाल से ग्वालियर एवं बीना रूट कुछ समय के लिए प्रभावित रहा।
शहर की 90 फीसदी सड़कें लगातार बारिश से तालाब में तब्दील हो गईं। कई जगह इनमें 2 फीट तक पानी भरा है। भदभदा रोड पर तेज जल-भराव की वजह से सड़क पर मछलियां तैरने लगीं। लोगों को इन्हें पकड़ते हुए देखा गया। उधर, नगर निगम के आईएसबीटी स्थिति मुख्यालय में बारिश का पानी अंदर घुस गया। इससे राजस्व, पार्किंग और सामान्य प्रशासन का कामकाज ठप पड़ गया।
बारिश से शहर के जलस्रोतों का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। डैम को मेटेंन करने के लिए मंगलवार को कलियासोत के दो गेट खोले गए गए। सुबह यहां जल स्तर 502.90 मीटर पहुंच गया था। गेट खोलकर शाम तक जलस्तर 502.75 मेंटेन किया गया। 48 घंटे में बड़े तालाब का जलस्तर भी लगभग दो फीट बढ़कर अब फुल टैंक लेवल से 4 फीट कम है। जबकि, कोलार का जल स्तर 55 सेमी तक बढ़ा है।
लगातार बारिश से जुलाई माह का बारिश का कोटा पूरा हो गया है। जुलाई में औसत बारिश 367.4 मिमी होना चाहिए जबकि 1 जुलाई से अब तक 497 मिमी बारिश हो चुकी है। वहीं अगस्त के कोटे के लिए भी 20 फीसदी बारिश हो चुकी है। सीजन में अब तक सामान्य से 111.6 मिमी अधिक बारिश हो चुकी है।
लगातार भारी बारिश की वजह से कलेक्टर ने बुधवार को नर्सरी से लेकर 12वीं तक के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों; सीबीएससी, आइसीएसई समेत सभी बोर्ड में अवकाश घोषित किया है। शिक्षकों को विद्यालय आना होगा। निर्धारित परीक्षाएं व मूल्यांकन कार्य यथावत जारी रहेंगे। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने स्कूलों को आदेश जारी किए हैं। जर्जर स्कूल बिल्डिंगों पर खास नजर रखी जा रही है। इन स्कूलों में कक्षाएं नहीं चलाने के निर्देश हैं।
जेपी अस्पताल में भारी बारिश ने मरीजों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं। अस्थि रोग विभाग में पानी भरा है। छत से लगातार पानी टपक रहा है। यहां पानी डॉक्टरों के चैंबर तक पहुंच गया है। डायलिसिस यूनिट के बाहर भी पानी टपक रहा है। मरीज टपकते पानी के नीचे बैठकर इलाज करा रहे हैं। महिला वार्ड के बाहर और पहली मंजिल पर लिट के पास भी ऐसी ही स्थिति है। पानी भरने से लिट बंद है।
सभी 21 जोनों में टीमों को 24 घंटे के अलर्ट मोड पर तैनात किया गया है। वार्ड और जोन के संवेदनशील इलाकों में निगरानी रखी जा रही है। कंट्रोल रूम में 12 सदस्यीय विशेष टीम भी गठित है।
महापौर मालती राय ने जोन 7 स्थित मुय कंट्रोल रूम से कॉल करने वालों से फीडबैक लिया। और वार्ड 48, 49 और 51 का दौरा किया।
सड़कों को दुरुस्त करने पीडब्ल्यूडी की टीम को डामर से पैचवर्क करने से पूरी तरह रोक दिया गया है। अभी की बारिश में डामर का पैंचवर्क बह गया है।
इस बीच बैरसिया में राधेश्याम साहू की करंट लगने से मौत हो गई। मंगलवार को नगर निगम के कचरा कलेक्शन वाहन नहीं चले, जिसने शहरवासियों को बारिश के बीच खासा परेशान कर दिया।
अल्पना तिराहा, पुराने शहर, रचना नगर और आइएसबीटी समेत 10 स्थानों पर पंप लगाकर पानी निकालने की व्यवस्था की गई। निगम के कर्मचारी मुस्तैद हैं।
11 स्थानों पर इमरजेंसी स्टेशन बनाए गए हैं। यहां तीन शिट में 12-12 कर्मचारी तैनात हैं। यह बारिश की स्थितियों पर काबू पाने का प्रयास कर रहे हैं।
रात 10 बजे तक कुल 32 शिकायतें आईं। इनमें से 24 जल भराव से जुड़ी थीं। निगम कर्मियों ने मौके पर पहुंच जलनिकासी की व्यवस्था की।
बारिश से कई स्थानों पर पेड़ भी गिर गए। वीआईपी रोड पर करबला के समीप पेड़ गिरने से भारी बारिश के बीच सड़क यातायात खासा प्रभावित हुआ।