Lok Sabha Elections 2024- भोपाल संसदीय सीट पर चार बार नारी शक्ति की जय-जय मैमूना सुल्तान, उमा भारती और प्रज्ञा सिंह ठाकुर रह चुकी हैं सांसद
Bhopal Lok Sabha constituency- भोपाल में लोकसभा चुनाव 2024 का मतदान 7 मई को होगा। भाजपा ने पूर्व महापौर आलोक शर्मा को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने अब तक प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। आइए जानते हैं भोपाल लोकसभा चुनाव का इतिहास...। यहां तीन महिलाओं ने प्रतिनिधित्व किया था...।
भोपाल में आजादी से पहले करीब 95 साल तक बेगम और सुल्तानों का शासन रहा। आजादी के बाद भी भोपाल से कम से कम चार बार महिलाओं को सांसद बनने का मौका। इस तरह 20 साल तक महिलाओं ने ही संसद में भोपाल का प्रतिनिधित्व किया। अभी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर भोपाल से सांसद हैं।
कब-कब महिलाओं का प्रतिनिधित्व 1957 से 1962 और 1962 से 1967 तक कांग्रेस के टिकट पर मैमूना सुल्तान भोपाल की सांसद बनीं। मैमूना सुल्तान को भोपाल की पहली महिला सांसद बनने का भी गौरव हासिल है। यह लगातार दो टर्म तक सांसद रहीं। यह मप्र से दो बार राज्यसभा सदस्य भी रहीं। मैमूना सुल्तान स्वतंतत्रा संग्राम के आंदोलन से भी जुड़ी रहीं। अफगानिस्तान के शाह की वंशज मैमूना सुल्तान के परदादा शाह सूजा अफगानिस्तान के रहने वाले थे।
भोपाल में 1819 से 1926 के बीच चार बेगमों ने भोपाल की सत्ता संभाली। इनमें कुदसिया बेगम, सिकंदर बेगम, शाहजहां बेगम और सुल्तान जहां बेगम प्रमुख हैं। भोपाल की अंतिम शासिका शाहजहां बेगम थीं। जिन्होंने 1861 से 1901 तक भोपाल की रियासत संभाली।
मप्र की पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रहीं साध्वी उमा भारती 1999 में भाजपा के टिकट पर भोपाल से जीतीं और 2004 तक सबसे बड़ी संसद में भोपाल की आवाज बुलंद की। 2004 में यह मप्र की मुख्यमंत्री बनीं। 1991,1996 और 1998 में हुए चुनावों में उमा भारती ने खजुराहो संसदीय सीट का भी प्रतिनिधित्व किया था। राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शुमार उमा भारती फिलहाल, इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़ रही हैं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और राष्ट्रीय स्वयं संघ से सक्रिय रूप से जुड़ी रहीं साध्वी प्रज्ञा ङ्क्षसह ठाकुर ने 2019 के लोकसभा चुनाव में मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय ङ्क्षसह के खिलाफ भाजपा के टिकट से चुनाव लड़ा और साढ़े तीन लाख से अधिक मतों के अंतर से कांग्रेस को हराया। हार्डकोर ङ्क्षहदुत्व की समर्थक प्रज्ञा ङ्क्षसह ठाकुर मालेगांव बम विस्फोटों की आरोपी हैं और अपने बयानों के लिए हमेशा सुर्खियों में रही हैं। इस बार भाजपा ने इन्हें अभी तक कहीं से भी टिकट नहीं दिया है।