भोपाल

‘अधिकारी तू करके बात करते हैं…’ भोपाल में हॉस्टल की लड़कियों ने की शिकायत, 50 लड़कियों के बीच एक शौचालय

Lizard in food incident: भोपाल के शासकीय अनुसूचित जाति महाविद्यालयीन कन्या छात्रावास में रहने वाली 700 छात्राएं गंदा शौचालय, खराब खाना, कीड़े और मूलभूत सुविधाओं की कमी से परेशान हैं।
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Oct 13, 2026
विरोध करती हॉस्टल की लड़कियां (Photo Source - Patrika)
विरोध करती हॉस्टल की लड़कियां (Photo Source - Patrika)

Bhopal news: घर से दूर रहकर पढ़ाई करने आईं छात्राओं को उम्मीद थी कि छात्रावास में रहने और खाने की अच्छी व्यवस्था मिलेगी, लेकिन शासकीय अनुसूचित जाति महाविद्यालयीन कन्या छात्रावास, पंचशील नगर में रहने वाली 700 छात्राओं की परेशानी कुछ और कहानी बयां करती है। कहीं शौचालय गंदे हैं, तो कहीं दरवाजों पर कुंडी तक नहीं। खाने में कीड़े मिलने की शिकायतें हैं, दाल पतली और चावल खराब होने का आरोप है। पीने के लिए साफ पानी नहीं और सर्दियों में गर्म पानी की सुविधा भी नहीं। छात्राओं का कहना है कि शिकायत करने पर समाधान के बजाय उन्हें जवाब मिलता है- जैसा बना है, खा लो। छात्राओं के मुताबिक, सोने के लिए बिस्तर तक घर से लाना पड़ा। उनका आरोप है कि छात्रावास में आने वाले कुछ अधिकारी उनसे सम्मानजनक तरीके से बात नहीं करते।

छात्राओं की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। अधीक्षक का तबादला कर दिया गया है। मेस संचालक को खाने की गुणवत्ता ठीक करने को कहा गया हैं। - अमित राजौरिया, सीईओ, अनुसूचित जाति-जनजाति छात्रावास

सफाई के नाम पर खानापूर्ति

छात्राओं के मुताबिक, यहां 50 लड़कियों के बीच एक शौचालय है। इनमें से कई गंदे रहते हैं और कुछ में कुंडी तक नहीं है। इससे उन्हें सफाई के साथ निजता की समस्या भी झेलनी पड़ती है। सफाई व्यवस्था को लेकर भी छात्राओं ने सवाल उठाए हैं। पुरुष कर्मचारियों से सफाई कराई जाती है, जिससे उन्हें असहजता महसूस होती है। एक छात्रा ने बताया कि वह 15 दिन बाद घर से लौटकर आई तो कमरे में गंदगी वैसी ही पड़ी मिली, जैसी छोड़कर गई थी।

छात्रावासों का निरीक्षण करेंगे एसडीएम

छात्रावासों में खानपान समेत अन्य व्यवस्थाओं के निरीक्षण का जिम्मा अब एसडीएम के सुपूर्द किया गया है। सोमवार को एडीएम सुमित पांडेय ने निर्देश दिए कि सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित छात्रावासों का नियमित निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए मेस की सुचारू व्यवस्था, गुणवत्तापूर्ण भोजन और अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही। अभी छात्रावासों में खानपान में गड़बड़ी की स्थितियां सामने आ रही है। खाद्य टीम ने भी यहां पहुंचकर जांच की। नोटिस भी जारी किए गए।

खाने की शिकायत पर मिलता है दो टूक जवाब

पुलिसकर्मियों ने प्रबंधन के रवैये पर नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि जब उनकी बात नहीं सुनी जा रही, तो छात्राओं की शिकायतें कैसे सुनी जाती होंगी। इसके बाद अनुसूचित जाति-जनजाति छात्रावास के सीईओ अमित राजौरिया को जानकारी दी गई। वे पहुंचे और अंदर बैठकर छात्राओं की समस्याएं सुनीं। भोजन को लेकर छात्राओं में नाराजगी है। उनका आरोप है कि हरी सब्जियां बहुत कम मिलती हैं। दाल पतली और चावल खराब होते हैं। खाने में कीड़े निकलने की शिकायतें भी सामने आई हैं। छात्राओं के मुताबिक, जब वे भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाती हैं तो उन्हें कहा जाता है कि जैसा बना है, खा लो।

Updated on:
13 Oct 2026 07:31 am
Published on:
13 Oct 2026 07:31 am