भोपाल

बुकिंग के बाद ही प्रोजेक्ट लांच करेगा हाउसिंग बोर्ड

इसके अलावा लोगों को आवास देने में लेट लतीफी भी नहीं हो रही है पिछले 5 वर्षो में मंडल के कार्यो में गुणात्मक सुधार आया है, जिससे मंडल ने वित्तीय रूप से इस अवधि में काफी लाभ अर्जित किया है

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Jan 17, 2022
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बोर्ड ने अपनी कार्य पद्धति में काफी बदलाव किया है। अब बुकिंग होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाता है। पहले आवासीय कॉलोनी का निर्माण कर लिया जाता था और उसके बाद उसकी बिक्री शुरू होती थी। इससे कई आवास बिना बिके रह जाते थे। अब बुकिंग के अनुसार ही कॉलोनियों का निर्माण कार्य किया जाता है। जितनी बुकिंग उतने ही आवासों का निर्माण किया जाता है। इससे अबिक्रित आवासों की संख्या न्यून हो गयी है। इसके अलावा लोगों को आवास देने में लेट लतीफी भी नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि मंडल को जनवरी 2011 से अधो-संरचना विकास कार्य के लिए भी अधिकृत किया गया।
मध्यप्रदेश हाऊसिंग बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष आशुतोष तिवारी ने कहा है कि हाउसिंग बोर्ड मध्यप्रदेश शासन का व्यवसायिक उपक्रम है। हमें इसी सोच को ध्यान में रखकर भविष्य की योजनाओं को मूर्त रूप देना होगा। तिवारी अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने के बाद सोमवार को बोर्ड के अधिकारियों के साथ पहली बैठक में योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। आयुक्त हाऊसिंग बोर्ड भरत यादव ने बोर्ड की गतिविधियों एवं योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले 5 वर्षो में मंडल के कार्यो में गुणात्मक सुधार आया है, जिससे मंडल ने वित्तीय रूप से इस अवधि में काफी लाभ अर्जित किया है।

हाउसिंग बोर्ड बनाएगा 13 जिलों में पंचकर्म चिकित्सा केन्द्र
भोपाल। प्रदेश के 13 जिलों में आयुष विभाग के पंचकर्म चिकित्सा केन्द्रों का निर्माण हाउसिंग बोर्ड करेगा। इन जिलों में चिकित्सा केन्द्र बनाने पर विभाग 455 करोड़ रुपए खर्च करेगा। ये केन्द्र भिण्ड, अलीराजपुर, आगर-मालवा, रीवा, अनूपपुर, बैतूल, भोपाल, धार, बुरहानपुर, मुरैना, उज्जैन, सिंगरौली एवं खण्डवा जिलों में बनाए जाएंगे।

आयुक्त मप्र हाउसिंग बोर्ड एवं अधोसंरचना मंडल भरत यादव ने बताया कि इसके अलावा ग्वालियर स्थित फॉर्मेसी कॉलेज के लिए 94 लाख 94 हजार की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने बताया कि ग्वालियर के सूर्य नगर में निर्मित आवासीय योजना के अंतर्गत 13,417 करोड़ की लागत से 191 आवासों का निर्माण किया है। इनमें भवन का मूल्य अधिकतम 25 लाख 83 हजार रुपए हैं। आयुष विभाग अन्य जिलों में भी पंचकर्म चिकित्सा केन्द्र बनाने की कार्ययोजना तैयार कर रहा है।

Published on:
17 Jan 2022 10:21 pm
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