
नीलेन्द्र पटेल, भोपाल. ‘आज फेवरिट कौन है, ‘डिब्बे’ की आवाज कितनी है, तेरे पास कितने लाइन हैं, पहला सेशन एक पैसे का है, मैंने चव्वनी खा ली है, लाइन को लंबी पारी चाहिए’... कहने को यह शब्द भले ही अजीबो-गरीब लगें, लेकिन इनके पीछे करोड़ों का लेनदेन चल रहा है।
दरअसल, ये शब्द आईपीएल पर ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले सट्टोरियों के कोडवर्ड हैं। इन्हीं कोड के जरिए वह बात करते हैं। इन दिनों शहर के अहाता-बियर बार, शीतल पेय पदार्थ के ठिए, चाय-पान की गुमठी में हाथों में मोबाइल लेकर डटे युवाओं के जमघट के बीच आसानी से सुने जा सकते हैं। ये लोग सट्टा लगाने वाले को ‘लाइन’ बोलते हैं, एजेंट को पंटर।
बुकी को डिब्बा बोलते हैं। सट्टे के भाव को डिब्बे की आवाज बोला जाता है। ‘पत्रिका’ की टीम ने मंगलवार को मोबाइल में मिली लिंक से आनलाइन सट्टा लगाने वालों के साथ गुपचुप तरीके से इनके पूरे गोरखधंधे की पड़ताल की।
खास बात यह देखने को मिली कि यह पूरा नेटवर्क आधुनिक संचार प्रणाली लैपटॉप, मोबाइल, वाइस रिकॉर्डर आदि पर ही चल रहा है। पुलिस के पास इन एप, लिंक, वेबसाइड की पेट्रोलिंग के लिए पर्याप्त तकनीकी संसाधन-अमला उपलब्ध नहीं हैं। मालूम हो कि भोपाल पुलिस ने हालही में आनलाइन सट्टे के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है।
सट्टा लगाने का कोड वर्ड
बुकी—डिब्बा
एजेंट—पंटर
क्लाइंट—लाइन
एक लाख—एक पैसा
सवा लाख—सवा पैसा
25 हजार—चव्वनी
50 हजार—अठन्नी
1 हजार से कम—फुटकर
भाव—डिब्बे की आवाज
20 ओवर—लंबी पारी
10 ओवर—सेशन
छह ओवर—छोटी पारी
शर्त कम करना—खा जाना
स्कूल—जिस शहर में मैच हो रहा
‘लाइन’ लेने की फीस
डिब्बा (बुकी), पंटर (एजेंट) को मोबाइल एप में लाइन की लिंक देता है। लिंक लेने पंटर को एडवांस देकर अकाउंट खुलवाना होता है, जिसकी भी एक लिमिट होती है, लिमिट के अनुसार अकाउंट में रकम डालनी होती है। इसके बाद पंटर लिंक को अपने ग्राहकों के पास शेयर करता है। इसके अलावा पंटर को एक मैच की लिंक लेने की फीस तीन हजार, दो मैच की 45 सौ रुपए, पूरे आईपीएल की 15 हजार चुकाने पड़ते हैं। रकम पेटीएम के जरिए दी जाती है।
आईपीएल में सट्टा लगा रहे चार युवक गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच ने दो अलग-अलग इलाकों से आईपीएल में सट्टा लगा रहे चार सटोरियों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक, रूफ ट्री फोर्थ फ्लोर एमपी नगर से दुर्गा नगर निवासी भरत मंगवानी, बैरागढ़ से दीपक शिवनानी, सागर इसरानी, प्रवीण मंगलानी को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से पुलिस ने नकदी, मोबाइल फोन, डायरी जब्त की है।
सट्टे पर लगाम लगाना बड़ी चुनौती
सट्टे पर पूरी तरह लगाम लगाना पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती है। चूंकि, पुलिस इतने बड़े स्तर पर आपरेट हो रहीं आनलाइन लिंक, एप की पेट्रोलिंग नहीं कर सकती। इतने बड़े लेवल की पेट्रोलिंग के लिए संसाधन, पर्याप्त तकनीक के जानकार बल की जरूरत होगी। साइबर सेल, क्राइम ब्रांच में इतना पर्याप्त संसाधन बल नहीं है।
दांव कम करने- ‘मैंने चवन्नी खा ली’
मैच की पहली गेंद से लेकर टीम के जीत तक भाव चढ़ते-उतरते हैं। एप, लाइन की लिंक में भाव आनलाइन चलते हैं। यदि किसी ने दाव लगा दिया और वह कम करना चाहता है तो फोन कर एजेंट को ‘मैंने चवन्नी खा ली’ कहना होता है।
पुलिस की पैनी नजर है...
आनलाइन सट्टा आपरेट करने वाले ग्रुपों को चिह्नित कर लगातार कार्रवाई की जा रही है। आईपीएल में सट्टा लगाने वाले पर पुलिस की खास नजर है।
- निश्चल एन झारिया, एएसपी, क्राइम ब्रांच