
BJP MP- राज्यसभा सांसद तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट Photo Source Patrika.com
Rajya Sabha MP- मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने के मामले में छिड़ी महाभारत अभी भी जारी है। भोपाल से दिल्ली तक गुरुवार को भी जबर्दस्त गहमागहमी बनी रही। कांग्रेस की अपील पर दूसरे दिन भी दिल्ली में भारत निर्वाचन आयोग से राहत नहीं मिली। भारत निर्वाचन आयोग खामोश बना हुआ है। इस बीच नाम वापसी के आखिरी दिन एमपी में राज्यसभा सीटों के लिए भाजपा के तीनों प्रत्याशी तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल, महेश केवट निर्विरोध जीत गए। भोपाल में तीनों को जीत का प्रमाण पत्र भी रिटर्निंग ऑफिसर ने दे दिया। भाजपा के राज्यसभा सांसद चुने गए तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट ने प्रमाणपत्र लिया, उपस्थित लोगों का हाथ जोडकर अभिवादन किया और चुपचाप निकल गए। कोई जश्न नहीं मनाया। कहा जा रहा है कि तीसरी सीट पर भाजपा की भद पिट सकती है। यही वजह है कि राज्यसभा चुनाव की जीत पर अभी कोई सार्वजनिक उत्सव आयोजित नहीं किया गया है।
मीनाक्षी नटराजन मामले में कांग्रेस ने बुधवार रात 1.48 बजे सुप्रीम कोर्ट में ऑनलाइन याचिका लगाई थी। गुरुवार को नाम वापसी की आखिरी तारीख थी। दोपहर 3 बजे तक का वक्त था। इसे देखते हुए जस्टिस पीके मिश्रा, जस्टिस एएस चंदुरकर की बेंच में नटराजन के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कोर्ट के संज्ञान लिए बिना ही नोटिस के आधार पर नामांकन खारिज करना असंवैधानिक है। उन्होंने तत्काल सुनवाई का आग्रह किया।
चुनाव आयोग के वकील ने कांग्रेस की याचिका के जवाब में सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्हें याचिका की प्रति नहीं मिली है। इसके बाद बेंच ने शुक्रवार को सुनवाई तय की। ऐसे में कांग्रेस के अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि सुनवाई भले कल हो लेकिन कोर्ट को राज्यसभा चुनाव परिणाम पर रोक लगाना चाहिए। बेंच ने यह मांग भी नियमों का हवाला देते हुए ठुकरा दी।
इस बीच भोपाल में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की वापसी की समय सीमा दोपहर 3 बजे समाप्त हो गई। इसके बाद भाजपा के तीनों प्रत्याशी तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल, महेश केवट को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने तीनों भाजपाइयों को जीत का प्रमाण-पत्र भी दे दिया। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया।
भाजपा के तीनों सांसदों तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट ने निर्वाचित घोषित होने पर खुशी जाहिर की। तीनों नवनिर्वाचित सांसदों ने प्रमाणपत्र लिया और लोगों का अभिवादन करते हुए निकल गए। बीजेपी नेताओं ने कोई उत्साह नहीं दिखाया। बताया जा रहा है कि हाईकमान ने फिलहाल शांत रहने को कहा है। बीजेपी को तीसरे प्रत्याशी का दाव भारी भी पड सकता है। यही कारण है कि पार्टी ने सार्वजनिक रूप से जीत का उत्सव नहीं मनाया। बीजेपी कार्यालय में तीनों सांसदोें का मुंह मीठा जरूर कराया गया।
Updated on:
12 Jun 2026, 7:39 AM IST
Published on:
12 Jun 2026, 7:02 AM IST
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